जिंदगी में 3 बातें महत्वपूर्ण - प्रेरणा, परिश्रम, और पैसा : शिवराज

भोपाल।

आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन समारोह के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 12 के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लेपटॉप  के लिए उनके खातों में राशि ट्रान्सफर की। इसके साथ ही विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मन में संकल्प हो तो वैष्णोदेवी की 14 km की चढ़ाई भी कुछ नहीं लगती।हम जैसा सोचते हैं वैसा बन जाते हैं। सीहोर के बेटी ने एवरेस्ट की चढ़ाई की।  जिंदगी में छोटा मत सोचना, हमेशा बड़ा और ऊँचा सोचना।  आपकी पढाई में सुविधा को बाधा नहीं बनने दूँगा।  दुनिया में सारे काम आप जैसे साधारण आदमियों ने ही किया है।। राइट बन्दुओं ने उड़ते हुए हवाईजहाज बनाने में सफल हुए। उन्होंने अपने आपको झोंका नहीं।जब मार्क जुकरबर्ग 22 साल की उम्र में इतनी बढ़ी कम्पनी बना सकते है तो तुम क्यों नहीं बना सकते हैं।  बल्ब का अविष्कार एडिसन ने किया। महात्मा गांधी, सुभाष चंद बोस के उदाहरण हमारे सामने हैं।  सैकड़ों लोगो ने अपने आप को कुर्बान किया और देश को अाजाद करवाया।जिंदगी में 3 बातें हैं जो मुझे महत्वूवर्ण लगती है वो है प्रेरणा, परिश्रम, और पैसा।

 कार्यक्रम में 55 करोड़ की राशि बांटी गई।करीब 20 हज़ार बच्चों ने भाग लिया ।उन्होंने आगे कहा कि लैपटॉप के पैसे से लैपटॉप ही खरीदना, कुछ और मत खरीद लेना।लैपटॉप को चैटिंग फेटिंग के लिए इस्तेमाल मत करना।सरकार ने  साईकिल और यूनिफार्म के लिए पैसे दिए हैं, बच्चे कुछ और खरीद कर देते हैं। तो ऐसा कुछ मत करना जिससे आपके माता पिता की उम्मीद टूटे, उनकों आप से बहुत उम्मीद है। हमेशा महिलाओं की इज़जत करना।  महिलाओं को नौकरी में 33% आरक्षण दूँगा। ये रट लो कोशिश करने वालो की हार नहीं होती।मेरी शुभकामनाये आपके साथ हैं। सफलता आपके माथे पर तिलक लगाने को बेक़रार है। 

फिर उन्होंने छात्रों से सवाल करते हुए कहा कि वैज्ञानिक, कौन बनना चाहता है। मुख्यमंत्री कौन बनना चाहता है।आप सब बन सकते हो।हायर एजुकेशन डॉक्टरी, बीइ आदि की फीस हम भरेंगे लेकिन एक मेरी भी शर्त है। डॉक्टर बनो तो 2 साल ग्रामीण क्षेत्र में काम करना। तुम्हें इतिहास रचना है। भारत का भाग्य बनाना है। 
कई विद्वानों के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अमीज़ प्रेमजी लाखों डॉलर दान देते हैं। नारायण मूर्ति ने 250 डॉलर से अपना काम शुरू किया।फीस और सुविधा के लिए पैसा चाहिए। तुम बस पढाई करो। ये तुम्हारा हक़ है। फीस की कमी के कारण कोई बच्चा दर दर की ठोकर खाये ये होने नही दूँगा। मैं तुम्हारे सपनो को मरने नही दूँगा।अगर ये सब चाहिए तो बस इक्षाशक्ति, आत्मविश्वास से भरे रहना, लक्ष्य तय करो। यह भी तय करो कि जीवन में क्या बनना चाहते हो डॉ इंजीनियर, कलेक्टर, आईएएस, आईपीएस, पुलिस। 

बता दे कि  स्कूल शिक्षा विभाग की इस योजना में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में माध्यमिक शिक्षा मण्डल बोर्ड परीक्षा के कक्षा 12 के प्रतिभाशाली बच्चों को लेपटॉप वितरित किये जाते हैं। अब नए नियम के तहत लैपटॉप वितरित किए जाएंगें, जिसके अनुसार अजा और अजजा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 75 फीसदी एवं उससे अधिक अंक लाने पर लेपटॉप देने की योजना है। वहीं ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को लेपटॉप तब ही दिया जाएगा, जब उनके 85 फीसदी से अधिक अंक होंगे।

आपको बताते चले कि मुख्यमंत्री प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 28 मई को भोपाल के लाल परेड ग्रांउड में आयोजित सम्मान समारोह में आयोजित किया जाना था।इस कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रतिभाशाली बच्चों को लेपटॉप वितरित किए जाने थे। परंतु इस आंदोलन के चलते कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब चुंकी प्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान हालात सामान्य है,शांति है इसलिए सरकार ने आज 11 जून को छात्रों को लैपटॉप  वितरण करने की व्यवस्था की है। अब मेधावी विद्यार्थियों को आज सोमवार को भोपाल में लेपटॉप और लेपटॉप खरीदने के लिए राशि दी गई। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रदेश में वर्ष 2009-10 में प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की संख्या केवल 473 थी, जो वर्ष 2017-18 में 47 गुना बढ़कर 22 हजार 36 हो गई है

गौरतलब है कि मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लेपटॉप खरीदने के लिये 25 हजार रुपये की राशि दिये जाने का प्रावधान है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अर्द्ध घुमक्कड़ जाति के विद्यार्थियों को 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने पर लेपटॉप खरीदने के लिये राशि दिये जाने का प्रावधान है।


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