VIDEO: पंचतत्व में विलीन हुए भय्यूजी महाराज, बेटी ने दी मुखाग्नि

इंदौर| आध्यात्मिक गुरु और राष्ट्रीय संत भय्यूजी महाराज के अचानक इस दुनिया को अलविदा कहने से सवाल तो कई खड़े हुए है लेकिन अंततः हर एक शख्स की जिंदगी की मौत तय होती है वो कब, कहा और कैसे होनी है ये भी तय होता है। इंदौर सहित देशभर में ख्याति अर्जित कर चुके राष्ट्रीय संत भय्यूजी महाराज ने अचानक खुदकुशी के फैसला लिया और अपनी जान दे दी इसके बाद बुधवार सुबह से ही उनके अनुयायी उनके अंतिम दर्शन के लिए सुखलिया स्थित सूर्योदय आश्रम पहुंचे। जहां से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। वही सयाजी होटल के पीछे स्थित मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। भय्यूजी महाराज की पहली पत्नि की बेटी कुंहु ने उन्हें मुखाग्नि दी और एक ज्वलंत उदाहरण समाज मे पेश किया। 

बकायदा पूरे विधि विधान से संत भय्यू महाराज का अंतिम संस्कार किया गया|  इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा उनकी जयजयकार के नारे भी लगाए गये। दुनिया को अलविदा कह चुके भय्यूजी महाराज अब कभी जीवंत रूप में सामने नही होंगे लेकिन उनसे जुड़े हर शख्स के जेहन में वे हमेशा बने रहेंगे। वही अचानक हुए इस मामले में अब पुलिस की तफ्तीश शुरू होगी ताकि एक संत की मौत की असली वजह सामने आ सके।

बुधवार सुबह से उनको चाहने वालो का तांता उनके अंतिम दर्शन के लिए इंदौर के सुखलिया स्थित सूर्योदय आश्रम में लगा हुआ। केंद्रीय मंत्री, रामदास आठवले, राज्यमंती दर्जा प्राप्त कंप्यूटर बाबा, महाराष्ट्र के शिवसेना सांसद चंद्रकांत पेरे, महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे, इंदौर की प्रथम नागरिक महापौर मालिनी गौड़, कलेक्टर निशांत वरबड़े, डीआईजी हरिनारायण चारि मिश्र, विधायक रमेश मेंदोला, कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने उनके अंतिम दर्शन किये। 

इसके बाद दोपहर 2 बजकर 15 मिनिट पर उनकी शवयात्रा प्रारंभ हुई और उनका अंतिम संस्कार सयाजी क्षेत्र में स्थित मुक्ति धाम में किया जाएगा। फूलो से सजी गाड़ी में उनकी शवयात्रा निकाली गई जिसमें उनकी बेटी सहित परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।




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