लोकायुक्त का शिकंजा, पंचायत इंस्पेक्टर रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार

जबलपुर | पनागर जनपद में भ्रस्टाचार रुकने का नाम ही नही ले रहा है, वहीं कुछ लोगों ने भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने की ठान ली है, जिसके चलते पनागर में एक के बाद एक लोकायुक्त के छापे पड़ रहे हैं| पूर्व में पनागर जनपद में पदस्थ सहायक यंत्री ब्रजेन्द्र साहू भी लोकायुक्त की कार्यवाही में रंगे हांथों ट्रेप हुए थे, इसके बाद अभी हाल में ही पनागर तहसील में पदस्थ दो पटवारियों को लोकायुक्त ने रंगे हांथो पकड़ा था|  गुरूवार को पनागर जनपद में लोकायुक्त ने 4000 रु की रिश्वत लेते पंचायत इंस्पेक्टर कंचन झा को रंगे हांथो पकड़ा। जैसे ही लोकायुक्त ने कार्यवाही की, मामले की भनक लगते ही जनपद में सचिवो, सहायक सचिवो का हुजूम लग गया | पंचायत इंस्पेक्टर से परेशान कई सचिव लोकायुक्त एवं शिकायतकर्ता की कार्यवाही की तारीफ करते नजर आए।

मामला पनागर जनपद के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुड़िया का है, जहां के सचिव शिव कुमार पटेल ने संवाददाता से बताया कि कुछ दिनों पूर्व ग्रामवासियों द्वारा पंचायत के कार्यों में गुणवत्ता की जांच करने शिकायत की गई थी, जिसमे मुड़िया ग्राम में Cc रोड निर्माण ओर बाउंड्री वाल निर्माण डुंगरिया की जांच के संबंध में पंचायत के रिकॉर्ड जप्त थे, जांच पूरी होने के उपरांत ग्राम सचिव द्वारा पंचायत इंस्पेक्टर के पास जमा बैंक की कॉपी, केश बुक तथा पासबुक वापस मांग रहा था जिसे वापस करने के एवज में पंचायत इंस्पेक्टर कंचन झा द्वारा ग्राम सचिव से 4000 रु की मांग की जा रही थी| रुपये न देने के कारण पंचायत इंस्पेक्टर द्वारा रिकॉर्ड देने में आनाकानी की जा रही थी जिससे परेसान होकर ग्राम सचिव ने 14 तारीख को लोकायुक्त के समक्ष पूरा मामला बताया जिसके बाद आज दोपहर लगभग 2 बजे ग्राम सचिव ने पंचायत इंस्पेक्टर कंचन झा को तय राशि 4000 रुपये दिए जहां मोके पर उपस्थित लोकायुक्त की टीम ने तुरंत कार्यवाही कर दबोच लिया।

उक्त कार्यवाही पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में उप पुलिस अधीक्षक जे पी वर्मा के नेतृत्व में निरीक्षक श्रीमती मंजू तुर्की, आरक्षक दिनेश दुबे, महिला आरक्षक लक्ष्मी रजक,आरक्षक अमित गावड़े, शरद पांडेय, राकेश विश्वकर्मा एवं सहयोगी स्टॉप की सराहनीय भूमिका रही।


इनका कहना है-:

ग्रामवासियों द्वारा पंचायत द्वारा कराए जा रहे कार्यों में गुणवत्ता संबंधी शिकायत की गई थी जिसके चलते पंचायत की केश बुक, बिल बुक तथा पासबुक पंचायत इंस्पेक्टर के पास जमा थी, जांच पूरी होने के बाद से मेरे द्वारा पंचायत इंस्पेक्टर से दस्तावेज वापस लेने कई बार चक्कर लगा रहा था परंतु पंचायत इंस्पेक्टर द्वारा 5000 रुपये की डिमांड की जा रही थी जिसके चलते मेने दिनांक 14 ता को लोकायुक्त के समक्ष शिकायत की थी, आज पुनः पंचायत इंस्पेक्टर मेडम के पास गया जहां उन्होंने 4000 मांगे, रुपये देते समय वहां मौजूद लोकायुक्त के अधिकारियों ने पंचायत इंस्पेक्टर कंचन झा को रंगे हांथो पकड़ लिया ---शिव कुमार पटेल, सचिव ग्राम पंचायत मुड़िया, पनागर

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