मलेशिया में फंसा एमपी का युवक, परिवार ने विदेश मंत्री से लगाई मदद की गुहार

रायसेन

जिले की गोहरगंज तहसील के ग्राम बीलखेड़ी का एक युवक वीर सिंह चौहान अपनी नियोक्ता कंपनी के काम से मलेशिया गया था, लेकिन उसके वीजा की अवधि खत्म होने पर मलेशिया पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब युवक के परिजन उसकी सकुशल वापसी के लिए परेशान है। विदेश मंत्री सहित अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। 

वीर सिंह चौहान की पत्नी रक्षा चौहान ने बताया कि वीर सिंह मलेशिया की एक दवा कंपनी में नौकरी करते हैं। कोडीलाइफ नाम की इस कंपनी के किसी काम से ही उन्हें 8 जून को मलेशिया भेजा गया था। वीर सिंह की वापसी की फ्लाइट 13 जून को थी। इस दिन में मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर पहुंचे। जहां पुलिस ने उनके वीजा की जांच की जिसकी अवधि पहले निकल चुकी थी। मलेशिया पुलिस ने वीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। 14 जून की शाम वीर सिंह ने अपने परिजनों को फोन कर इस बात की जानकारी दी। 

वीर सिंह ने बताया था कि कंपनी के अधिकारी उसका वीजा लेकर मलेशिया पहुंच रहे हैं। उसके बाद वह वापस भारत पहुंचेगा, लेकिन 14 तारीख के बाद से 18 तारीख तक परिजनों का वीर सिंह से कोई संपर्क नहीं हो सका। 18 जून को वीर सिंह ने मलेशिया पुलिस के फोन से ही अपने परिजनों से संपर्क किया और बताया था कि उनकी कंपनी के अधिकारी वीजा लेकर पहुंच गए हैं और जल्द ही वापस लौटेंगे। उसके बाद से फिर उससे कोई संपर्क नहीं हो सका है। उसकी कंपनी के अधिकारी भी कोई स्पष्ट जवाब परिजनों को नहीं दे रहे हैं। जिससे परिजन बेहद परेशान हैं। 

परिवार ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित अन्य अधिकारियों से भी वीर सिंह की सकुशल वापसी के लिए गुहार लगाई है। वीरसिंह आने परिवार के साथ कोलार रोड पर बीमाकुंज के गणपति चौक पर रहता है।

वीर सिंह के छोटे भाई तेज सिंह चौहान ने बताया की वीर सिंह ने कंपनी के टारगेट को पूरा किया था, उसी सिलसिले में कंपनी ने उन्हें मलेशिया मुख्यालय बुलाया था।