बच्चों की खरीद फरोख्त के आरोपी अस्पताल संचालक सहित 3 को कारावास

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। अस्पताल की आड़ में नवजात शिशुओं की खरीद फरोख्त करने वाले ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में संचालित पलाश हॉस्पिटल के संचालक तापोश गुप्ता (टीके गुप्ता) और सह प्रबंधक अरुण भदौरिया को ग्वालियर की ADJ कोर्ट ने 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी रौनक मखानी को भी दोषी मानते हैं 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपियों पर 1-1 लाख रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है।

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जानकारी के अनुसार 6 साल पहले 2015 में ग्वालियर के मुरार क्षेत्र मे संचालित पलाश हॉस्पिटल में नवजात शिशुओं की खरीद फरोख्त का भंडाफोड़ हुआ था। अस्पताल संचालक टीके गुप्ता और सह प्रबंधक अरुण भदौरिया उस कपल से बच्चे खरीदते थे जो या तो गर्भपात कराना चाहते थे। 10-15 हजार रुपये फीस लेकर गर्भवती महिला की प्री मैच्योर डिलिवरी की जाती थी उसके बाद कपल को डराकर किसी को कुछ नहीं बताने की चेतावनी दी जाती थी। पलाश हॉस्पिटल तब तक बच्चों को पालता था जब तक जरूरतमंद माता पिता नहीं मिल जाते थे।

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पुलिस ने जब हॉस्पिटल में छापा मारा था तब उसे एक मेल और एक फीमेल नवजात मिला था जिसका कोई रिकॉर्ड नहीं था । पूछताछ में सामने आया था कि अस्पताल प्रबंधन 3 फीमेल और दो मेल बच्चे बेच चुका है। बच्चे डबरा, लखनऊ सहित अन्य शहरों में बेचे गए। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामला कोर्ट में पहुंचा। बाद में गवाह भी पलट गए लेकिन डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी सजा से बच नहीं सका।

इस महत्‍वपूर्ण प्रकरण में ग्‍वालियर न्‍यायालय के सत्र न्‍यायाधीश अशोक शर्मा के द्वारा अभियुक्‍तगण अरुण भदौरिया एवं तापोश गुप्‍ता (टीके गुप्‍ता) को IPC की धारा 370 में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 75, 80, 81 किशोर न्‍याय अधिनियम 2015 मे 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 81 में 1-1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई एवं आरोपी रौनक मखानी को धारा 80, 81 किशोर न्‍याय अधिनियम 2015 की धारा का दोषी पाते हुये 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 लाख रुपये के अर्थदण्‍ड की सजा सुनाई। इस मामले में शासन की पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण दीक्षित एवं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी संतोष शर्मा और अमोल तोमर ने की।