मध्यप्रदेश के 5 लाख किसानों को मिली बड़ी सौगात

गैर उप चुनाव वाले जिलों के किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की प्रथम किश्त की 100 करोड़ की राशि मुख्यमंत्री ने अंतरित की

shivraj sarkar

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के पांच लाख किसानों (Farmers) को सरकार ने बड़ी सौगात दी है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने सोमवार को चुनाव अप्रभावित ज़िलों के किसानों के खातों में किसान कल्याण योजना (Kisan Kalyan Yojna) के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये जमा किये|

प्रदेश के 19 जिले की 28 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के चलते आचार संहिता प्रभावशील है| जिसके चलते शेष गैर उप चुनाव वाले जिलों के किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की प्रथम किश्त की 100 करोड़ की राशि मुख्यमंत्री ने अंतरित की| इस दौरान सीएम ने अलग अलग जिलों के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा भी की|

फसल नुकसान की राशि का आश्वासन
सीएम शिवराज ने कहा आज गैर उपचुनाव वाले जिलों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 5 लाख किसानों के खातों में 100 करोड़ की राशि ट्रांसफर की जा रही है। बाकी किसानों की सूची बन रही है। जैसे-जैसे भौतिक सत्यापन होता जाएगा, हम खातों में पैसा डालते जाएंगे| चुनाव वाले क्षेत्रों में आचार संहिता समाप्त होने के बाद किसानों के खाते में पैसा डाला जायेगा| मुख्यमंत्री ने कहा हमने यह फैसला किया है कि ग्रामीणों को मकानों पर उनका स्वामित्व देंगे ताकि उस मकान व जमीन के आधार पर वे लोन व अन्य सुविधाएं प्राप्त कर सकें| मैं आश्वस्त करता हूं कि इस साल किसानों की जितनी फसल खराब हुई है, राहत की राशि की एक-एक पाई उनके खातों में डाली जाएगी|

हर किसान को प्रतिवर्ष मिलेंगे 10 हजार
सीएम ने कहा किसान सम्मान निधि में हमने प्रदेश सरकार की ओर से 4 हजार रुपया जोड़कर देने का फैसला किया है। अब प्रदेश के हर किसान को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा हमने किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं प्रारम्भ की है। किसान की खुशहाली हमारी ज़िंदगी का लक्ष्य है। हमने आज मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के चुनाव अप्रभावित ज़िलों के 5 लाख किसानों के खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये अंतरित किये हैं। मेरे मन में यह विचार चल रहा है कि अलग-अलग सब्सिडी के स्थान पर एकमुश्त राशि किसान के खाते में जमा करने की योजना बना दी जाये। इस तरह की योजना से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।