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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP School) के स्कूल शिक्षा विभाग (School Education Department)  ने छात्रों (Student) को बड़ी राहत तो निजी स्कूल (Private Schools) को झटका दे दिया है। विभाग ने निजी स्कूल के फीस (Schools Fees) बढ़ोत्तरी को लेकर चल रही मनमानी पर लगाम लगा दी है। विभाग ने निर्देश जारी किया है कि अब स्कूल संचालकों को फीस बढ़ाने से पहले शासन को कारण बताना होगा। बिना शासन की अनुमति के अगर किसी स्कूल द्वारा फीस बढ़ाई गई तो कार्रवाई भी की जाएगी।इस संबंध में सभी जिला शिक्षाधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

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दरअसल,  कोरोना काल और आगामी मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (Board of Secondary Education-MP Board) द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं को देखते हुए सोमवार को स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (indar singh parmar) ने भोपाल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली थी।इसमें निजी स्कूलों मेंं दिनों दिन बढ़ती फीस को लेकर बड़ा फैसला लिया गया, जिसके तहत अब कोई भी निजी स्कूल बिना विभाग की अनुमति के फीस नहीं बढ़ा सकेगा और अगर ऐसा किया तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वही परमार ने यह भी स्पष्ट किया कि इस साल किसी भी स्कूल में फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। कोरोना के चलते निजी स्कूल छोटी कक्षाओं में ऑनलाइन (Online) या ऑफलाइन (Offline) परीक्षा करवाने का फैसला ले सकते है।लेकिन बोर्ड की परीक्षाएं केवल ऑफलाइन ही होगी। इसके तहत सभी स्कूलों को केन्द्र सरकार द्वारा जारी कोरोना (Corona) की गाइडलाइन (Guideline) का पालन करना होगा, ताकी छात्र सुरक्षित रहे। छात्रों की सेफ्टी की पूरी जिम्मेदारी स्कूल और प्रबंधन की होगी।

इसके पहले इंदर सिंह परमार (indar singh parmar) के निर्देश पर लोक शिक्षण संचालनालय (Directorate of public education) ने आदेश कर कहा था कि फीस (fees) जमा नहीं होने पर किसी भी छात्र को ऑनलाइन कक्षा (online class) या परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा।अगर किसी स्कूल द्वारा ऐसा किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।