चुनाव आयोग

खण्डवा, सोमेश उपाध्याय। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) की खण्डवा लोकसभा (khandwa loksabha) में 1980 के बाद पहली बार उपचुनाव (by-elections) होने जा रहे हैं। निमाड़ की नैया कहे जाने वाले खण्डवा सांसद (MP) नंदकुमार सिंह चौहान (nandkumar singh chauhan) के निधन (death) के बाद खण्डवा सीट रिक्त (vaccant) हो गई है। अब भारत निर्वाचन आयोग (election commission of india) के नियमों के अनुसार सांसद के निधन के 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराने होंगे। इस लिहाज से अगस्त-सितंबर-2021 तक किसी भी सूरत में लोकसभा के चुनाव (loksabha elections) कराने होंगे। संभावना यह भी बन सकती है कि चुनाव नगरीय निकाय के साथ ही हो जाए।

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खंडवा लोकसभा क्षेत्र में कुल आठ विधानसभा सीटें शामिल हैं। इसमें निमाड़ से बुरहानपुर-नेपानगर, खंडवा, पंधाना, मांधाता, भीकनगांव, बड़वाह और मालवा की एक बागली विधानसभा सीट शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक खंडवा लोकसभा सीट पर 1980 से अबतक एक भी बार उपचुनाव नहीं हुए है, हालांकि 1979 में उपचुनाव हो चुके है। खंडवा सीट से देश के दिग्गज नेता भी चुनाव लड़ चुके है। 1979 में उपचुनाव के दौरान जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे ने कांग्रेस के एस.एन ठाकुर को हराया था। ठाकरे आगे चलकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे। परन्तु 1980 के चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता शिवकुमार सिंह ने कुशाभाऊ ठाकरे को पराजित कर दिया था। 1984 में कालीचरण सकरगाए ने भाजपा के दिग्गज आरिफ बेग को मात दी थी। यहां से एक परिवार के दो भाई भी सांसद रहे हैं। इसमें शिवकुमार सिंह और महेंद्र सिंह शामिल हैं। अभी इसी परिवार से सुरेंद्र सिंह शेरा बुरहानपुर से निर्दलीय विधायक है।

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निर्वाचन आयोग ने खण्डवा लोकसभा के लिए निर्वाचन की कागज़ी तैयारी आरम्भ कर दी है। इसके साथ ही दोनों प्रमुख राजनीतिक दल के दावेदार भी उपचुनाव हेतु सक्रिय हो गए हैं।