CM का जिला कलेक्टरों को निर्देश, कोरोना के संपर्क में ना आएं कोरोना वारियर्स

भोपाल।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(cm shivraj singh chouhan) ने सोमवार को जिला कलेक्टरों(district collectors) से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि डॉक्टर(doctor), स्वास्थ्य कार्यकर्ता(medical staff), पुलिस कर्मी(police officers) और अन्य कर्मचारी जो सीधे कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल हों, संक्रमण के संपर्क में ना आने पाए। सीएम चौहान सोमवार को वीडियो कॉन्फरेंसिग(video coferencing) के जरिये अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। जहाँ वो राज्य में स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि आवश्यक सेवाओं छोड़कर अन्य कोई भी कार्यालय गंभीर कोरोना संक्रमण वाले जिलों में नहीं खुलेगा। वही मध्यम संक्रमण वाले जिलों में जिला कलेक्टर, जिला संकट प्रबंधन समूहों के अन्य सदस्यों के परामर्श से यह तय किया जायेगा कि वे किन आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा कि इंदौर से निकटता क्षेत्र के लिए किसी भी कार्य में इंदौर(indore) के श्रमिकों को काम पर नहीं रखा जाएगा। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बैठक में बताया कि राज्य के 11 परीक्षण केंद्रों में प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के लिए 2,000 परीक्षण किए जा रहे हैं और मंगलवार से दो नए प्रयोगशालाओं का परीक्षण भी शुरू हो जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान ने गरीब परिवारों के लिए अपनी महत्वाकांक्षी “संबल” योजना को फिर से शुरू करने की घोषणा की। जिसे कथित तौर पर कमलनाथ सरकार ने खत्म कर दिया था। चौहान ने शीर्ष अधिकारियों को उनके साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग(meeting) में राज्य में योजना शुरू करने का निर्देश दिया।

जिसके बाद इस पर ऐतराज़ जताते हुए पीसीसी चीफ कमलनाथ के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि राज्य में “संबल” योजना को पुनः शुरू किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भाजपा ने प्रचार किया कि कांग्रेस के शासन के दौरान इस योजना को बंद कर दिया गया था।। जबकि योजना के कार्यान्वयन में कांग्रेस केवल भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती थी और इसे नए नाम नया सबेरा द्वारा लागू किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि वे केवल योजना के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार की जांच कर रहे थे और इस योजना को बंद नहीं किया था। इस योजना ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों को सब्सिडी वाले बिजली, निर्माण श्रमिकों के लिए बीमा कवर और राज्य और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लाभों की परिकल्पना की गई थी।