कांग्रेस का आरोप- राजकीय अतिथि के तौर पर गैंगस्टर का आत्मसमर्पण, अपराधियों की शरणस्थली बना प्रदेश

इंदौर।आकाश धोलपुरे

यूपी के कानपुर के चौबेपुर थाने के विकरु गांव में 8 पुलिस अधिकारियो व कर्मचारियों को शहीद करने वाला कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे आज अचानक उज्जैन के महाँकाल मंदिर में गिरफ्तार हो जाता है। यूपी सहित देश के 10 प्रदेशो की पुलिस टीम को चकमा देने वाले विकास दुबे की गिरफ्तारी के मामले में कांग्रेस ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर चौतरफा हमला बोलना शुरू कर दिया। जहां आज सबसे पहले प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता के.के.मिश्रा ने सीएम के ट्वीट पर सवाल उठाते हुए मामले पर धुंध हटाने की बात ट्वीट के जरिये की थी तो दूसरी और अब प्रदेश में विकास दुबे की गिरफ्तारी पर चुनावी सियासत शुरू हो गई है। जहां बीजेपी सरकार गिरफ्तारी को एक तरह से कामयाबी बता रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिये है।

राजकीय अतिथि की तरह आत्मसमपर्ण – राकेश सिंह यादव

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने विकास दुबे को दुर्दांत अपराधी बताने के साथ ही आरोप लगाया कि कमलनाथ सरकार गिराने में वर्तमान गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ख़रीद फ़रोख़्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी उसी तरह विकास दुबे को योजना के तहत चुनावी चंदा लेकर आत्मसमर्पण कराया गया हैं। पुलिस और इंटलीजेंस पर सवाल उठाते हुए कानून व्यवस्था के मामले में राकेश सिंह यादव ने कहा विकास दुबे का राजकीय अतिथि बतौर आत्म सम्मान कराया गया है।रअपराधी विकास दूबे का उज्जैन पहुँचना।इंटलीजेंस का चुप रहना।आत्मसमर्पण ससम्मान कराना।एन्काउन्टर से बचाना।यह सारा घटनाक्रम यह साबित करता हैं की बड़ा आर्थिक लेनदेन करने के बाद अपराधी को संरक्षण देकर आत्मसमर्पण कराया गया हैं। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार के कदम को जनता समझ रही है और आने वाले उपचुनाव में इसका जबाव भी जनता देगी।

अपराधियों की शरणस्थली बना मध्यप्रदेश-जीतू पटवारी

पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि मध्य प्रदेश अब अपराधियों की शरण स्थली बन चुका है। जीतू पटवारी ने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश पुलिस इस मामले में फेल रही है कि विकास दुबे 2 दिन तक उज्जैन में घूमता रहा लेकिन उसे कोई नहीं पकड़ पाया और जिसे देशभर की पुलिस नही पकड़ उसे आज महाकाल मंदिर के गार्ड ने पकड़ लिया बावजूद इसके पुलिस वाहवाही लूटने में पीछे नहीं है। जीतू पटवारी ने सीधा आरोप लगाया है कि विकास दुबे को गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि उसने सरेंडर किया है।

पूर्व गृहमंत्री ने वर्तमान गृहमंत्री पर दागे ये सवाल

कमलनाथ सरकार में गृहमंत्री रह चुके बाला बच्चन ने बताया कि पूरा मामला संदिग्ध है और जो फ़ोटो मैंने देखे है उसमे साफ है कि विकास दुबे पुलिस की मौजूदगी में आराम से बैठा है और गिरफ्तार करने के बाद उसे हथकड़ी भी नही लगाई गई। वही उन्होंने प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा द्वारा दिये गए बयान पर वार करते हुए कहा कि गिरफ्तारी के पहले दावे किए गए थे विकास दुबे को प्रदेश में घुसना तो दूर की बात है बल्कि सीमा पर ही गिरफ्तार कर लेंगे। वही गैंगस्टर के द्वारा महाँकाल मंदिर में नाम बताने को लेकर भी बाला बच्चन ने सवाल उठाए। मध्यप्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ने गिरफ्तारी को संदिग्ध बताकर। नरोत्तम मिश्रा के यूपी चुनाव में कानपुर के चुनाव प्रभारी रहने का भी जिक्र किया है।

हालांकि, अब विकास दुबे मध्यप्रदेश पुलिस की गिरफ्त में है लेकिन फिलहाल, प्रदेश में कांग्रेस गिरफ्तारी को समपर्ण बताकर सीधे शिवराज सरकार पर घेरने की कोशिश कर रही है जो इस बात को साफ करने के लिए काफी है कि आगामी उपचुनाव को लेकर दोनों ही दल किसी भी सूरते – ए- हाल में जनता की नजरों में बने रहने की कोशिश में पूरी सिद्दत के साथ जुटी हुई है।