दमोह उपचुनाव: सीएम शिवराज पर भड़के कमलनाथ, बोले- सौदेबाजी इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दमोह की जनता से अपील की है कि छिंदवाड़ा की तरह ही दमोह में नया इतिहास बनाया जाए। दमोह सौदेबाजी की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

दमोह उपचुनाव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में आज पीसीसी चीफ कमलनाथ (PCC Chief Kamalnath) दमोह (damoh) पहुंचे। आगामी उप चुनाव को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन (ajay tandon) के समर्थन में आम सभा को संबोधित किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार (shivraj government) पर जमकर निशाना साधा।

कमलनाथ ने कहा कि शिवराज जब तक झूठ नहीं बोलते, तब तक उनका खाना नहीं पचता है। वही कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ युद्ध कांग्रेस की सरकार ने छेड़ा था। मैंने अपनी नीति और नियत दिखाकर क्या प्रदेश में गुनाह किया था?

वही कमलनाथ ने कहा की विधानसभा में बीजेपी ने यह माना था कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान किसानों की कर्ज माफी हुई है। वही सीएम शिवराज पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सीएम शिवराज घोषणा के मास्टर हैं। बीजेपी की कलाकारी की पहचान अब युवाओं को करनी होगी।

Read More: MP News: पूर्व BJP विधायक का निधन, अंतिम इच्छा के मुताबिक परिजनों ने किया उनका देह दान

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दमोह की जनता से अपील की है कि छिंदवाड़ा की तरह ही दमोह में नया इतिहास बनाया जाए। दमोह सौदेबाजी की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगा। केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोरोना संकट में 20 लाख करोड़ रुपए घोषित किए गए थे। आखिर इतने रुपए गए कहां? इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताना चाहिए। मोदी सरकार कृषि कानून की आड़ में निजीकरण की व्यवस्था अपना रही है। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की बनाई समर्थन मूल्य व्यवस्था को मोदी सरकार खत्म कर रही है।

बता दें कि इससे पहले ट्वीट करके पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर निशाना साधा था। जहां उन्होंने कहा था कि शिवराज भले ही नशाबंदी शराबबंदी की खूब पहल करे लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। शराबबंदी, नशाबंदी की बात सिर्फ जुमला बनकर रह गई है। शिवराज सरकार ने फैसला किया की बार संचालक अब मदिरा का दुगना भंडारण कर सकेंगे। इसके अलावा रात 2:00 बजे तक शराब परोसा जा सकेगा। इस फैसले ने शिवराज सरकार की शराब प्रेम को जगजाहिर कर दिया है।