शनिवार को होगा फैसला.. कौन होगा प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री

भोपाल।

एक लंबी सियासी उठापटक के बाद प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कमलनाथ के इस्तीफा देते ही विपक्ष सरकार बनाने की तैयारी में जुट गया है। जिसको लेकर मंथन करने का दौर शुरू हो चुका है। नई सरकार गठित करने के ऊपर मंथन करने के लिए शुक्रवार शाम बीजेपी विधायक दल की बैठक होने वाली थी। जिसे कोरोना संकट के कारण रद्द कर दिया गया है। अब यह बैठक शनिवार को होगी।

दरअसल कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद विपक्ष बड़ी तेजी से सरकार बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। बीजेपी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जिसको लेकर कोई भी ढील नहीं बरत रहे हैं। जिसको लेकर आज बीजेपी विधायक दल की बैठक थी। हालांकि कोरोना संकट के कारण दावत और विधायक दल की बैठक रद्द कर दी गई। जहाँ अब यह बैठक शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के घर पर आज शाम होने वाले डिनर पार्टी को भी रद्द कर दिया गया है। कमलनाथ के इस्तीफे के बाद पार्टी मुख्यमंत्री पद के लिए किसके नाम का चुनाव करें इसके लिए पार्टी असमंजस की स्थिति में है और इसी को देखते हुए विधायक दल की बैठक से पूर्व अब पर्यवेक्षक की नियुक्ति होनी है। शनिवार को होने वाले बीजेपी विधायक दल की बैठक के लिए प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से फोन पर बातें की। बताया जा रहा है कि विधायक दल की बैठक में सरकार बनाने के साथ-साथ मुख्यमंत्री के नाम पर भी चर्चा होगी। वही कल होने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के चेहरे का चुनाव किया जाएगा। जिसके बाद पार्टी राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। वही अभी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात करने निकले हैं। आई सूचना के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री चौहान अपने निवास स्थान से सीएम हाउस के लिए रवाना हो चुके हैं। संभावना है कि मध्य प्रदेश में नई सरकार का शपथ ग्रहण शनिवार की सुबह हो सकता है।

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह के नाम पर भी अटकलें सामने आई थी। जिसके बाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा यह भाजपा का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा। मेरा नाम काल्पनिक है और शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन होंगे। कमलनाथ सरकार पर बोलते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ सरकार प्रदेश की सबसे अलोकप्रिय सरकार थी किंतु अब उसके बाहर जाने का रास्ता तय हो चुका है।

गौरतलब हो कि कमलनाथ के इस्तीफे के बाद बीजेपी के तरफ से मुख्यमंत्री के नाम पर संशय बना हुआ है। अब देखना दिलचस्प है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री का नया चेहरा आखिर कौन होता है।