आज भी नही आया आरिफ मसूद पर कोई फैसला, शुक्रवार को हाईकोर्ट अग्रिम जमानत याचिका पर सुना सकती है फैसला

अब माना जा रहा है कि शुक्रवार को हाईकोर्ट अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगा।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| धार्मिक भावनाओं (Religious Feelings) को ठेस पहुंचाने के मामले में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद (Congress MLA) की जमानत को लेकर हाईकोर्ट (High Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि गुरूवार को भी हाईकोर्ट ने मसूद को लेकर फैसला नहीं सुनाया। अब माना जा रहा है कि शुक्रवार को हाईकोर्ट अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगा।

मसूद के भोपाल कोर्ट में पेश होने की अटकलें
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के भोपाल कोर्ट में पेश होने की अटकलें चलती रहीं, जिसे देखते हुए भोपाल जिला अदालत (Bhopal District Court) में भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। कोर्ट परिसर के हर गेट पर पुलिस के जवान तैनात थे और अदालत में आने जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही थी। कोर्ट परिसर के चारों तरफ पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। पुलिस को आशंका थी कि हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद आरिफ मसूद भोपाल जिला अदालत में पेश होंगे।

भोपाल की विशेष अदालत जारी कर चुकी है गिरफ्तारी वारंट
लंबे समय से फरार चल रहे कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ भोपाल जिला अदालत ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। वहीं भोपाल की विशेष अदालत पहले ही विधायक आरिफ मसूद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। आरिफ मसूद के वकील ने जनप्रतिनिधियों के लिए बनाई गई विशेष अदालत में जमानत याचिका दायर की थी यहां से याचिका खारिज होने के बाद ही हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है।

यह था मामला
आरिफ मसूद ने 29 अक्टूबर 2020 को भोपाल में फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन किया था जिसमें हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हुई थी। प्रदर्शन के दौरान आरिफ ने फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। इस दौरान दिए भाषण में मसूद ने कहा था कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। वहीं उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की थी कि भारत सरकार फ्रांस दूतावास को कहे कि वो मुस्लिम विरोधी रुख को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएं।

प्रदर्शन के बाद क्या-क्या हुआ
मसूद के इस प्रदर्शन के बाद सरकार ने उनके खिलाफ सोशल डिस्टेसिंग के उल्लंघन में धारा-188 के तहत मामला दर्ज किया था। दो दिन बाद केस में धारा-269, 270 और आपदा अधिनियम-51बी का इजाफा किया गया। लेकिन 4 नवम्बर को धर्म संस्कृति समिति के महामंत्री दीपक रघुवंशी की शिकायत पर तलैया पुलिस ने मसूद के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने की धार 153-ए के तहत मसूद समेत 7 लोगों पर एफआईआर की गई। बिहार चुनाव के प्रचार में जाने के बाद से मसूद का कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं 17 नवंबर मंगलवार को भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने मसूद के खिलाफ गिरफ्तारी वारेंट जारी कर दिया है। इससे पूर्व 7 नवम्बर को कोर्ट ने मसूद की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। अभी तक जिन 7 लोगों पर एफआईआर की गई है उसमें से 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस विधायक को गिरफ्तार करने में पुलिस अभी तक नाकाम ही साबित हुई है।

हमेशा से चर्चाओं में रहे है आरिफ मसूद
दबंग छवि के लिए मशहूर मसूद ने ट्रिपल तलाक बिल के खिलाफ पूरे भोपाल में प्रदर्शन आयोजित किए थे। मॉब लिंचिंग के खिलाफ भी अपने समर्थकों के साथ वे सड़कों पर उतरे थे साल 2001 में गदर- एक प्रेम कथा फिल्म की स्क्रीनिंग के खिलाफ भोपाल के लिली टॉकीज में भी कार्यकर्ताओं के साथ इनपर तोड़फोड़ का आरोप है। इसका नेतृत्व भी मसूद ने ही किया था।

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