किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत, शिवराज सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) ने भी कहा है कि केंद्र सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और माना जा रहा है की चमकविहीन गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की अनुमति मिल सकती है।

wheat

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (madhya pradesh) में किसानों (farmers) के लिए बड़ी खबर है। शिवराज सरकार (shivraj government)  किसानों को बड़ी राहत देने जा रही है। जहां ओलावृष्टि और बारिश की वजह से प्रभावित हुई कम गुणवत्ता वाली गेहूं (wheat) को भी खरीद सकती है। इसके लिए शिवराज सरकार ने केंद्र सरकार (central government) से अनुमति मांगी है।

दरअसल मध्य प्रदेश में पिछले दिनों तेज हवा और बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। इसके बाद सरकार ने कृषि विभाग के अमले द्वारा फसलों का सर्वे भी करवाया है। वही शिवराज सरकार द्वारा फसलों के हुए नुकसान के लिए किसानों को सहायता राशि भी दी जाएगी। इसके साथ ही कुछ फसलें हैं। जो पानी लगने की वजह से अपनी चमक खो चुकी है।

इसके बाद ऐसी फसलों को समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं खरीदा जा सकता। इस मामले में सरकार का कहना है कि अगर राज्य शासन द्वारा चमकविहीन गेहूं को खरीदा भी जाए तो एफसीआई (FCI) सेंट्रल पुल से इसका उठाव नहीं करेगा। जिसके लिए केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक है। जिसके बाद अब नागरिक आपूर्ति निगम ने खाद्य विभाग के माध्यम से केंद्र सरकार को कम गुणवत्ता गेहूं खरीदी के लिए प्रस्ताव भेजा है।

Read More: पंचायत चुनाव से पहले शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, भ्रष्टाचार अधिकारियों की अब खैर नहीं

इस मामले में प्रबंध संचालक का कहना है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर पिछले साल भी मध्यप्रदेश में चमकविहीन गेहूं खरीदने की अनुमति प्राप्त हुई थी। जिसके बाद इस बार भी ओलावृष्टि और बारिश की वजह से प्रभावित हुई कुछ गेहूं की खरीदी को समर्थन मूल्य पर खरीदने की अनुमति केंद्र सरकार से मांगी गई है। कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) ने भी कहा है कि केंद्र सरकार किसानों के प्रति संवेदनशील है और माना जा रहा है कि चमकविहीन गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की अनुमति मिल सकती है।

बता दें कि मार्च महीने में इंदौर, धार, खरगोन, सिवनी, रीवा, टीकमगढ़, शिवपुरी, आगर मालवा, सागर, छिंदवाड़ा, भोपाल, राजगढ़, सीहोर, विदिषा सहित कई जिलों में तेज हवा बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसल प्रभावित हुई थी। जिसके बाद 24 जिलों में चमकविहीन गेहूं को खरीदने के लिए अब शिवराज सरकार ने कदम उठाया है। वहीं यदि केंद्र सरकार अनुमति देने से इंकार करती है तो किसानों को चमकविहीन गेहूं को ओने पौने दाम पर व्यापारियों को बेचना होगा।