पूर्व मंत्री माधव सिंह का निधन, कांग्रेस में शोक लहर, मुख्यमंत्री ने जताया दुख

ध्रुव अविभाजित मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) और बाद में छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) में भी मंत्री रहे। उनके निधन की खबर लगते कांग्रेस (Congress) में शोक लहर दौड़ गई।

कांग्रेस नेता

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। वरिष्ठ कांग्रेस नेता (Congress leader) और पूर्व कैबिनेट मंत्री माधव सिंह ध्रुव (Madhav Singh Dhruv) का निधन हो गया है।वे 67 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी लाकेश्वरी ध्रुव, पुत्र पंकज एवं पन्नालाल ध्रुव तथा पुत्री अमीपा है।  ध्रुव अविभाजित मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) और बाद में छत्तीसगढ़ सरकार (Chhattisgarh Government) में भी मंत्री रहे। उनके निधन की खबर लगते कांग्रेस (Congress) में शोक लहर दौड़ गई।

राज्यपाल अनुसुईया उइके (Governor Anusuiya Uike), मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) और विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत (Assembly Speaker Dr. Charandas Mahant) ने गहरा दुख प्रकट किया है।बघेल ने कहा कि स्वं श्री ध्रुव अविभाजित मध्यप्रदेश और बाद में छत्तीसगढ़ में मंत्री रहते हुए कमजोर खासकर अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए काफी काम किया।उन्होंने ध्रुव के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी (Dhamtari) के सिहावा से विधायक रहे माधव कई दिनों से से बीमार चल रहे थे, उनका धमतरी के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार को तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने के कारण उन्हें रायपुर (Raipur) रैफर किया गया जहां उनकी हालात में सुधार नही हुआ और तबियत बिगड़ती चली गई और गुरुवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।बताया जा रहा है कि  माधव सिंह की तबीयत दो दिनों से खराब थी। उन्हें ब्लड प्रेशर और फूड प्वाइजनिंग की समस्या हुई थी।

मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ तक का राजनैतिक सफर

  • माधव अविभाजित मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह के मंत्रिमंडल में राज्य मंत्री रहे ।
  • मप्र से अलग होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य में अजीत जोगी के शासनकाल में कैबिनेट मंत्री भी रहे ।
  • वरिष्ठ आदिवासी नेता माधव धमतरी जिले के सिहावा विधानसभा सीट से लगातार 4 बार विधायक रहे ।
  • वर्ष 1977 में जनता पार्टी से लड़ा और जीत हासिल की।
  • वर्ष 1990 में कांग्रेस ने उन्हें सिहावा से ही उम्मीदवार बनाया। जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की।
  • 1993 में फिर कांग्रेस के टिकट पर जीते। तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा जल संसाधन राज्यमंत्री बनाया गया।
  • 1998 में जीत की हैट्रिक लगाई और फिर वर्ष 2000 में अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ के मंत्रीमंडल में उन्हें आदिम जाति कल्याण विभाग का केबिनेट मंत्री दिया।
  • वर्ष 2003 में माधव सिंह ध्रुव भाजपा की युवा पिंकी ध्रुव से चुनाव हार गए। इस तरह उन्होंने कुल 5 बार चुनाव लड़ा जिसमें 4 बार जीत दर्ज की और एक बार हारे। वे कांग्रेस के पदों पर भी रहे।

 

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