गोडसे समर्थक की कांग्रेस में एंट्री का विरोध, अरूण यादव बोले- हर राजनीतिक क्षति सहने को तैयार

इतना ही नहीं अरुण यादव ने कहा कि कांग्रेस की इस नीति के खिलाफ यह उनका वैचारिक संघर्ष है और इसके लिए वह हर राजनीतिक क्षति सहने को तैयार है।

अरूण यादव

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में गोडसे समर्थक बाबूलाल चौरसिया (babulal chaurasia) की कांग्रेस में एंट्री विवादों का विषय बन गई है। एक तरफ जहां बीजेपी (bjp) ने बाबूलाल चौरसिया की कांग्रेस (congress) ने एंट्री पर तंज कसा है। वहीं दूसरी तरफ अब पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव (arun yadav) भी चौरसिया के कांग्रेस एंट्री के विरोध में खड़े नजर आ रहे हैं। बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में प्रवेश पर पूर्व मंत्री अरुण यादव ने कांग्रेस सहित कमलनाथ (kamalnath) से सवाल किए हैं। इतना ही नहीं यादव ने कहा कि इस विरोध के लिए वह कोई भी राजनीतिक क्षति सहने को तैयार है।

अरूण यादव ने कहा कि सत्य और अहिंसा का जो मार्ग गांधी ने अपनाया था, उसी में देश आगे चलेगा। यादव ने कहा है कि दो विचारधाराएं देश में काम करती हैं, एक गांधी और एक गोडसे की। हत्यारे गोडसे का मंदिर बनाना और उसकी पूजा करना,  उसे गांधी की विचारधारा से मेल मिलाप कराना मुझे उचित नहीं लगा और इसलिए मैंने अपने विचार रखे। यह सिर्फ मेरे नहीं बल्कि कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं के विचार भी हैं। उन्होंने आगे कहा कि – महात्मा गांधी की विचारधारा के हत्यारे के खिलाफ मैं चुप नहीं रहूंगा। मेरी आवाज कांग्रेस और गांधी विचारधारा को समर्पित एक सच्चे कांग्रेस कार्यकर्ता की आवाज है।