खबर का असर – परिवहन विभाग के भ्रष्टाचार की जांच के लिए अब इंदौर पहुंचे अधिकारी 

पदाधिकारियों ने कहा कि अकेले सेंधवा में ही 70 से 80  लाख रुपये वसूली की जाती है जिससे समझा जा सकता है कि  अवैध वसूली का कितना बड़ा खेल परिवहन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।  

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश की सेंधवा (Sendhwa) सहित अन्य परिवहन चैक पोस्ट (Transport check post) पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली (Illegel Recovery) का खुलासा कर इसकी लोकायुक्त (Lokayukt) में शिकायत करने वाले इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association)के पदाधिकारियों के लिए ये खबर राहत भरी हो सकती है। पिछले दिनों साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने का बुलावा देने वाले के बाद भी संभागीय उप परिवहन आयुक्त (Divisional Deputy Transport Commissioner)अपने ही कार्यालय से गायब मिले थे, ट्रांसपोर्टर्स द्वारा अपर आयुक्त को सौंपे दस्तावेज लेकर अब वे  इंदौर पहुँच गए हैं। गौरतलब है कि एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp Breaking News) ने इस खबर को प्रमुखता से अपने पाठकों तक पहुँचाया था।

सामाजिक सरोकार और सकारात्मक पत्रकारिता को मूल मंत्र मानने वाली एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp Breaking News) ने भ्रष्टाचार और गैरकानूनी कारोबार की खबरों को हमेशा प्रमुखता दी है। परिवहन विभाग की चौकियों पर चल रही अवैध वसूली का भी एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp Breaking News) ने समय समय पर खुलासा किया है।  इसी क्रम में जब इसकी जांच के लिए अधिकारियों ने टालमटोल करने की कोशिश की तो अपने सामाजिक दायित्व को समझते हुए एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp Breaking News) ने उस खबर को भी प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुँचाया। खबर लगने के बाद  खबर का असर हुआ है, पिछले दिनों 6 जनवरी को ग्वालियर स्थित अपने कार्यालय में  इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association)के पदाधिकरियों को गायब मिले संभागीय उप परिवहन आयुक्त (Divisional Deputy Transport Commissioner)ग्वालियर एवं चम्बल संभाग एवं प्रभारी इंदौर संभाग अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh) आज इंदौर पहुँच गए हैं।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ (Mp Breaking News)से बात करते हुए अरुण सिंह ने कहा कि मैं मुख्यालय से इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association)  के अध्यक्ष सीएल मुकाती (CM Mukati) सहित अन्य सदस्यों द्वारा अपर आयुक्त अरविन्द सक्सेना को सौंपे सभी दस्तावेज साथ लेकर जाँच के लिए इंदौर आ गया हूँ।  मैंने इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association)  के अध्यक्ष सीएल मुकाती (CL Mukati) और अन्य पदाधिकारियों को कार्यालय बुलाया है उनसे कहा है कि  यदि उनके पास भ्रष्टाचार से सम्बंधित शिकायत से जुड़े और कोई दस्तावेज हैं तो उसे भी लेकर आ जाएँ।

गौरतलब है कि  मध्यप्रदेश की सेंधवा (Sendhwa) सहित अन्य परिवहन चैक पोस्ट (Transport check post) पर पदस्थ अधिकारियों द्वारा की जा रही अवैध वसूली (Illegel Recovery) का खुलासा इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association) ने किया था और इसकी शिकायत परिवहन विभाग और लोकायुक्त को मई साक्ष्य के साथ प्रस्तुत की थी उसके बाद ग्वालियर स्थित परिवहन मुख्यालय में पदस्थ  संभागीय उप परिवहन आयुक्त (Divisional Deputy Transport Commissioner)ग्वालियर एवं चम्बल संभाग एवं प्रभारी इंदौर संभाग अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh ) ने इंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association)  के अध्यक्ष सीएल मुकाती (CL Mukati)को पत्र भेजकर उनके द्वारा सेंधवा और अन्य परिवहन पोस्टों पर अवैध वसूली की लोकायुक्त (Lokayukt) में की गई शिकायत के सम्बन्ध में दिनांक  6 जनवरी को 12 :30  बजे ग्वालियर स्थित कार्यालय में साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। पत्र मिलने के बाद श्री मुकाती अपनी एसोसिएशन के 56 सदस्यों के साथ ग्वालियर आये लेकिन  संभागीय उप आयुक्त खुद ऑफिस में नहीं मिले।

संभागीय उप परिवहन आयुक्त (Divisional Deputy Transport Commissioner)ग्वालियर एवं चम्बल संभाग एवं प्रभारी इंदौर संभाग अरुण कुमार सिंह (Arun Kumar Singh ) के गायब मिलने के बाद इंइंदौर ट्रक ऑपरेटर एंड ट्रांसपोर्ट एसोसियेशन (Indore Truck Operator & Transport Association) के अध्यक्ष सीएल मुकाती (CL Mukati) ने एसोसिएशन के सदस्यों की मौजूदगी में अपर परिवहन आयुक्त अरविंद सक्सेना (Additional Transport Commissioner Arvind Saxena)से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांग की गई है कि मध्यप्रदेश में चेक पोस्टों पर जारी भ्रष्टाचार को बंद किया जाये, जो लाखों  रुपये की अवैध वसूली की जाती है उसे रोका जाये। पदाधिकारियों ने कहा कि अकेले सेंधवा में ही 70 से 80  लाख रुपये वसूली की जाती है जिससे समझा जा सकता है कि  अवैध वसूली का कितना बड़ा खेल परिवहन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।

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