क्या Scindia के रास्ते पर Pilot! राजस्थान कांग्रेस में मचा सियासी बवाल

उधर कांग्रेस नेता अजय माकन कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न खेमों से बातचीत कर रहे हैं।

भोपाल,  डेस्क रिपोर्ट। राजस्थान (rajasthan) में इन दिनों सियासी उथल-पुथल चरम पर है। एक तरफ जहां पायलट गुट (pilot camp) की मांग अशोक गहलोत (ashok gehlot) के लिए चुनौती बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ BSP से कांग्रेस (congress) में शामिल विधायक गहलोत सरकार के लिए सरदर्द बन गए हैं। इस बीच बसपा से कांग्रेस (congress) में शामिल हुए विधायक के साथ Pilot गुट के विधायकों की जुबानी जंग शुरू हो गई है। वहीं माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश के नक्शे कदम पर राजस्थान आगे बढ़ रहे हैं। इधर गहलोत सरकार सरकार बचाने और कैबिनेट विस्तार की कोशिश में लगी हुई है।

दरअसल इन दिनों सचिन पायलट (sachin pilot) दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। जहां वह शीर्ष नेतृत्व के बीच अपनी मांगों को लेकर दबाव बना रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ BSP से कांग्रेस में शामिल हुए कुछ पूर्व विधायक खुलकर कैबिनेट में अपनी जगह सुनिश्चित करना चाहते हैं। इस बीच पार्टी आलाकमान का कहना है कि दोनों की मांगों को उचित रूप से पूरा किया जायेगा। इस मामले में बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए राजेंद्र गुड्डा का कहना है कि लगभग एक साल पहले सचिन पायलट कैंप के 19 विधायक ने कांग्रेस छोड़ दी थी। अगर 10 निर्दलीय और 6 बसपा विधायक नहीं होत तो राजस्थान सरकार अपनी पहली पुण्यतिथि की तैयारी कर रही होती।

आलाकमान इसे क्यों नहीं समझता? उनके पास बहुमत नहीं था और हमने कांग्रेस सरकार को बचा लिया। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए कुछ अन्य पूर्व विधायकों का कहना है कि हमने गहलोत सरकार को स्थिरता प्रदान की थी। इसके बदले उन्हें हमें समर्थन देना चाहिए। आज मंत्री पद के लिए कई दावेदार हैं, जबकि रिक्तियां केवल नौ।

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पार्टी में शामिल हुए BSP विधायकों का कहना है कि राजस्थान सरकार को स्थिरता देने के साथ ही संकट समय में हमने उनके साथ खड़े रहने का काम किया है, लेकिन अब कांग्रेस पार्टी द्वारा हम पर यकीन न कर हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। वही पायलट कैंप के विधायक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पायलट कैंप गहलोत सरकार से असंतुष्ट है, बावजूद उनके मंत्री पद की दावेदारी के लिए कांग्रेस आलाकमान सोच रहा है और उनके दबाव को मान्य करने की कोशिश में लगा है।

हालांकि बसपा से पार्टी में शामिल हुए विधायकों के इस कथन के बाद अब पायलट कैंप के दो विधायक ने जवाबी हमला कर दिया है। पायलट कैंप के 2 विधायकों का कहना है कि बसपा से विधायक सत्ता के लालच में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इधर राजस्थान में उपजे सियासी विद्रोह को शांत करने के लिए कांग्रेस आलाकमान सहित प्रियंका गांधी (priyanka gandhi) आज सचिन पायलट से मुलाकात कर सकती हैं।

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राजस्थान में कैबिनेट विस्तार की संभावना है जो सचिन पायलट द्वारा उठाई गई कुछ मांगों को पूरा करेगा। खबरों के मुताबिक अशोक गहलोत स्थिति को शांत करने के लिए विधायकों के साथ नियमित बैठक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि गहलोत के मंत्रिमंडल में नौ और रिक्तियां हो सकती हैं। उधर कांग्रेस नेता अजय माकन कुछ वरिष्ठ नेताओं के साथ उनकी शिकायतों के समाधान के लिए विभिन्न खेमों से बातचीत कर रहे हैं।

बता दें कि आज से 1 साल पहले मार्च 2020 में मध्य प्रदेश में भी सिंधिया गुट (scindia camp) ने कमलनाथ सरकार (kamalnath government) के विरुद्ध विद्रोह छेड़ दिया था। जिसके बाद सिंधिया सहित कई विधायक कांग्रेस पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। अब ऐसे ही स्थिति राजस्थान में बनती नजर आ रही है। हालांकि सिंधिया (scindia) के कांग्रेस से BJP में जाने के बाद पायलट गुट के नेताओं सहित पायलट ने भी गहलोत सरकार के विरुद्ध बिगुल फूंक दिया था। वही आलाकमान के नेतृत्व में समझाए जाने के बाद पायलट सहित उनके गुट के नेता पार्टी में शामिल हुए थे। अब एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार से चर्चा के बीच जहां एक तरफ पायलट अपने समर्थक विधायकों को मंत्री पद दिलाना चाहते हैं। जबकि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए नेताओं की महत्वाकांक्षा अब गहलोत सरकार को किस दिशा में ले जाती है। ये देखना दिलचस्प होगा।