खरगोन: लॉकडाउन की वजह से किसान त्रस्त, नहीं मिल पा रहा फसलों का उचित दाम

खरगोन।त्रिलोक रामणेकर

मध्यप्रदेश(madhya pradesh) के खरगोन(khargone) जिले में कोरोना वायरस(corona virus) ने किसानों की आर्थिक कमर तोड़ी। लॉक डाउन(lockdown) और कर्फ्यू(curfew) के कारण किसानों को फसल का दाम तक नहीं मिल पा रहा। खेतों में सड़ रहा टमाटर पशुओं का आहार बना हुआ है। कोरोना वायरस पार्ट-2 में कमर टूट गयी है। जिसके बाद किसानों ने शासन से फसल का उचित मुआवजे की मांग की है।

खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर सेगांव विकासखंड के गोलवाड़ी में किसान अब रोजाना सैकड़ों क्विंटल(quintal)टमाटर की फसल भैंसों को खिला रहे हैं। अब तक ना तो सब्जी मंडी बहाल हो पाई है और ना ही किसान अपना टमाटर अन्य जिलो और प्रदेशों तक पहुंचा पा रहे हैं। किसानों को उम्मीद थी कि 14 अप्रैल के बाद लॉक डाउन खुल जाएगा और उनका टमाटर कम से कम लागत मूल्य तो दे जाएगा। लेकिन लॉक डाउन पार्ट टू ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

गोलवाडी के किसान राकेश यादव ने बताया कि 10 एकड़ में टमाटर की फसल लागये थी वही महिमाराम पाटीदार ने दो एकड में टमाटर लगाये थे। लेकिन लाकडाउन के कारण अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड रहा है। शासन से उचित मुवावजे की माँग भी की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here