किसानों के लिए बड़ी व्यवस्था, MSP पर गेहूं बेचने में इन्हें मिलेगी प्राथमिकता

कंट्रोल रूम नंबर 755 255 1471 पर सुबह से रात 8:00 बजे तक किसानों की शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में MSP पर खरीदी के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। 22 मार्च से न्यूनतम समर्थन मूल्य (minimum support price)  पर गेहूं की खरीदी (Wheat procurement) शुरू होगी। इसके लिए प्रदेश में अब तक कुल 24 लाख से अधिक किसानों ने रजिस्ट्रेशन (registration) करा लिया है। इसके साथ ही MSP पर खरीदी के लिए सबसे पहले छोटे और मंझले श्रेणी के किसानों की फसल की खरीदी की जाएगी।

दरअसल मध्य प्रदेश में 135 लाख टन गेहूं खरीदी की तैयारी की गई है। वहीं क्षेत्र में खेती करने वाले बड़े किसान शुरुआत में 20 फ़ीसदी ही उपज बेच सकेंगे। इससे पहले संक्रमण को देखते हुए किसानों के लिए गाइडलाइन (guideline)  तैयार की गई है। जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति और सहकारिता विभाग ने निर्देश जारी करते हुए किसान मास्क लगाकर या गमछा से मुंह ढक कर ही खरीदी केंद्र पर पहुंच पाएंगे और साथ ही शारीरिक दुरी का पालन करते हुए फसलों की बिक्री करेंगे। वही फसलों की बिक्री के लिए केंद्रों पर सैनिटाइजर सहित अन्य चीजों की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।

खरीदी केंद्रों पर किसानों को वाहन खड़ा करने के लिए खुला स्थान दिया जाएगा। इसके साथ ही गाइडलाइन का पालन करते हुए खरीदी करनी होगी। खरीदी केंद्र पर भीड़ न लगे। इसका प्रबंध किया गया है। वहीं किसानों के उपज छनाई और साफ करने की व्यवस्था भी खरीदी केंद्र पर उपलब्ध रहेगी। बारिश की स्थिति में किसानों की फसल को बचाने के लिए पॉलिथीन की व्यवस्था खरीदी केंद्र पर उपलब्ध कराई गई है। साथ ही बिजली, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था भी रहेगी। बता दें कि 22 मार्च से इंदौर, उज्जैन संभाग में गेहूं की खरीदी की शुरुआत की जाएगी जबकि अन्य संभागों में 1 अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जाएगी।

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वही सबसे पहले छोटी और मंझले श्रेणी के किसानों की फसलों का भुगतान किया जाएगा। भुगतान में देरी ना हो इसके लिए सीधे उनके खाते में राशि हस्तांतरित की जाएगी। इसके लिए पहले ही किसानों से उनके बैंक खाते, आधार नंबर सहित अन्य जानकारी दी गई है। वही किसानों को भुगतान होने या ना होने की श्रेणी में सूचना s.m.s. के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

इतना ही नहीं किसानों को बड़ी सुविधा देते हुए राज्य सरकार ने उपज बेचने के लिए 3 तारीख चुनकर बताने की बात कही है। सभी किसानों से रजिस्ट्रेशन के समय ही 3 तारीख पूछे गए हैं। जब किसान अपनी सुविधा अनुसार अपनी फसल बेचने केंद्र पर पहुंचेंगे किसान अपने तय की गई। तारीख पर ही खरीदी केंद्र पर अपनी फसल बेचने के लिए पहुंच पाएंगे। किसान उपार्जन यह न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी समस्या के लिए किसान टोल फ्री नंबर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए किसानों को किसी तरह की समस्या ना हो। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा कंट्रोल रूम नंबर 755 255 1471 पर सुबह से रात 8:00 बजे तक किसान शिकायत दर्ज करा सकेंगे।