LIC शेयर : LIC शेयर : पहले ही दिन इन्वेस्टर्स को नुकसान, 949 रुपये के मुकाबले एलआईसी का बीएसई पर 867 रुपये पर स्टॉक डेब्यू

शेयर बीएसई (BSE) पर 949 रुपये के निर्गम मूल्य (issue price) के मुकाबले 867.20 रुपये पर खुला और शेयर ने 886.80 रुपये के उच्च स्तर जबकि 860.10 के निम्न स्तर को छुआ। सुबह 10.05 बजे, बीएसई पर शेयर 883.40 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो इसके निर्गम मूल्य (issue price) 949 रुपये प्रति शेयर से 7 प्रतिशत कम था।

मुंबई, डेस्क रिपोर्ट। भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा प्रदान करने वाली कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शेयर बाजार में शुरुआत अच्छी नहीं रही। महीनों के संघर्ष के बाद शेयर बाजार में आज लिस्ट हुई एलआईसी का शेयर बीएसई (BSE) पर 8.62 फीसदी के भारी-भरकम डिस्काउंट पर सेटल हुआ। पिछले सप्ताह इसकी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश को लगभग तीन बार सब्सक्राइब किए जाने के बाद इसमें लगभग 9.4 प्रतिशत की गिरावट आई।

शेयर बीएसई (BSE) पर 949 रुपये के निर्गम मूल्य (issue price) के मुकाबले 867.20 रुपये पर खुला और शेयर ने 886.80 रुपये के उच्च स्तर जबकि 860.10 के निम्न स्तर को छुआ। सुबह 10.05 बजे, बीएसई पर शेयर 883.40 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जो इसके निर्गम मूल्य (issue price) 949 रुपये प्रति शेयर से 7 प्रतिशत कम था। भारत का बेंचमार्क सेंसेक्स 0.62% बढ़कर 53224 अंक पर पहुंच गया।

आपको बता दे सोमवार को ग्रे मार्केट में इस शेयर पर 20 रुपए का ड‍िस्‍काउंट म‍िल रहा था। ऐसे में माना जा रहा था कि, एलआईसी की लिस्टिंग से निवेशकों को निराशा हा​थ लग सकती है।

गौरतलब है कि, सरकार को 20,557 करोड़ रुपए के इस आईपीओ के लिए घरेलू निवेशकों से अच्छा र‍िस्‍पांस म‍िला था। जिसके बाद एलआईसी का यह पहला इश्यू भारत में अभी तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनकर उभरा। एलआईसी का आईपीओ 9 मई को बंद हुआ था। 12 मई को बोली लगाने वालों को इसके शेयर आवंटित किए गए थे।

सरकार की तरफ से एलआईसी के शेयर की कीमत 949 रुपए तय की गई है, जहां पॉलिसीहोल्‍डर्स को 889 रुपए और कर्मचार‍ियों को 904 रुपए के रेट पर शेयर म‍िलना का दाम तय किया गया है। सरकार ने आईपीओ के जरिए एलआईसी के 22.13 करोड़ से ज्‍यादा शेयर (3.5 प्रतिशत) की पेशकश की है।

ऐसा लग रहा है कि वैश्विक स्तर पर इक्विटी बाजारों में सुधार ने भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम की सूची में प्रवेश किया है। बढ़ते मुद्रास्फीति के दबाव, कोविड के प्रकोप से निपटने के लिए चीन में लगाए गए कड़े लॉकडाउन और रूसी सेनाओं द्वारा यूक्रेन पर युद्ध से स्थिति और खराब हो गई थी।

बता दें,बाजार में पदार्पण के बाद, एलआईसी 5.71 ट्रिलियन रुपये की बाजार पूंजी के साथ पांचवीं सबसे मूल्यवान भारतीय फर्म बन गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 16.42 ट्रिलियन रुपये के एमकैप के साथ देश की सबसे मूल्यवान फर्म है, इसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस लिमिटेड हैं।