MP के कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी का कोरोना से निधन, पार्टी में शोक लहर

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एमपी उपचुनाव (MP By-election) से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। राजगढ़ जिले के ब्यावरा (Biaora of Rajgarh district) से कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी का कोरोना से निधन हो गया है। खबर है कि आज मंगलवार सुबह उपचार के दौरान उनका निधन हो गया है।बीते दिनों उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, उनके निधन से पार्टी में शोक लहर दौड़ गई है। एमपी के कई दिग्गज नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है। वही एक और कांग्रेस विधायक के निधन से सीट खाली होने पर अब मप्र में 28 सीटों पर उपचुनाव की स्थिति बन गई है। इधर, अस्पताल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डॉक्टर उनसे पूछ रहे है कि कैसे है बढिया है , जिस पर दांगी इशारे से कह रहे है कि वो अच्छे है ।

मिली जानकारी के अनुसार,  बीते दिनों राजगढ़ जिले के ब्यावरा से कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई था, जिसके बाद उन्हें भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वही उनकी पत्नी और बेटी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। लेकिन ब्यावरा से कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी (Congress MLA Govardhan Dangi) को भोपाल के चिरायु अस्पताल में  हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें दिल्ली के मेदांता में भर्ती करवाया गया था, जहां मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। दांगी के निधन से  पार्टी में शोक लहर दौड़ गई है।

कांग्रेस समेत भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने दांगी के निधन पर शोक जताया है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने ट्वीट कर लिखा है कि कांग्रेस के कर्मठ, लगनशील विधायक श्री गोवर्धन सिंह दांगी जी का आकस्मिक निधन अत्यंत दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी महामंत्री एवं प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा शिक्षा के क्षेत्र में सतत काम करने वाले एक कर्मठ लगन शील जनमानस के बीच सदैव काम करने वाले श्री दिग्विजय सिंह जी के साथ मां नर्मदा की परिक्रमा में कदम से कदम मिलाकर चलने वाले कांग्रेस विधायक श्री गोवर्धन सिंह दांगी जी का आकस्मिक निधन मेदांता अस्पताल दिल्ली में हो गया । उनकी इस आकस्मिक मृत्यु पर हम सभी उनके प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं और उनकी आत्मा ईश्वर शांति प्रदान करें ईश्वर से प्रार्थना करते हैं ।

बता दे कि अब एमपी में 28 सीटों पर उपचुनाव होंगे। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समर्थकों और पूर्व विधायक के इस्तीफे के बाद 25 सीटे खाली हुई थी, वही 3 सीटों पर विधायकों के निधन से उपचुनाव की स्थिति बनी है। वर्तमान में भाजपा (BJP) के पास 107 औऱ कांग्रेस (Congress) के पास 88 विधायक बचे है। जहां भाजपा को सरकार बनाए रखने के लिए 9 सीटों की जरुरत है वही कांग्रेस को 28 सीटे ही जीतना है।मध्यप्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका है जब उपचुनाव में एक साथ 28 सीटों पर चुनाव होना है।

 

 

 

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