MP Politics: बीजेपी ने मंत्री गोपाल भार्गव को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, कांग्रेस में हलचल

माना जा रहा है दमोह विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने जोड़ी को एक बार फिर से मैदान में उतारा है।

gopal bhargwa

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। दमोह विधानसभा सीट (Damoh Assembly Seat) पर उपचुनाव (By- election) को लेकर भाजपा (BJP) ने तैयारी शुरू कर दी है। दमोह विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और जनसाधारण को अपने पक्ष में करने के लिए भाजपा ने इस सीट की जिम्मेदारी गोपाल भार्गव (Gopal Bhargava) को सौंपी है। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा (VD Sharma) ने इस सीट पर आगामी उपचुनाव के लिए भूपेंद्र सिंह (Bhupendra singh) को प्रभारी नियुक्त किया था।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी ने शिवराज सरकार (Shivraj Government) के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। गोपाल भार्गव को दमोह विधानसभा के आगामी उपचुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त किया गया। गोपाल भार्गव के अलावा भूपेंद्र सिंह भी दमोह विधानसभा में प्रभारी रहेंगे।

बता दें कि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने भूपेंद्र सिंह को दमोह विधानसभा का प्रभारी नियुक्त करने के आधिकारिक घोषणा की थी। मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में भाजपा को अप्रत्याशित जीत मिली थी। जिसके लिए भार्गव-भूपेंद्र (Bhargava-Bhupendra) की जोड़ी को काफी सराहा गया था। बता दें कि भूपेंद्र सिंह सुरखी विधानसभा सीट में भाजपा की जीत के रणनीतिकार भी रहे थे। माना जा रहा है इस वजह से दमोह विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने जोड़ी को एक बार फिर से मैदान में उतारा है।

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गौरतलब हो कि मध्य प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के मतदान के 8 दिन पूर्व कांग्रेस के विधायक राहुल सिंह लोधी (Rahul singh lodhi) ने दमोह विधानसभा सीट पर कांग्रेस से इस्तीफा देकर बीजेपी का हाथ थाम लिया था। इसके बाद से दमोह विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। अब इस पर उपचुनाव होना है। इसके मद्देनजर बीजेपी इस सीट पर कब्जा करने के लिए रणनीतियां तय कर रही है।

वहीं दूसरी तरफ दमोह विधानसभा सीट से विधायक रामबाई (Rambai) ने भी भाजपा में शामिल होकर दमोह से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। जिस पर भाजपा के मंत्री का बयान आया था कि भाजपा में शामिल सभी होना चाहते हैं लेकिन कौन चुनाव लड़ेगा और कौन नहीं। इसका फैसला शीर्ष नेतृत्व करता है। अब ऐसे में दमोह विधानसभा सीट पर आगामी चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीतियों में बदलाव नजर आ रहा है।

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