राम मंदिर भूमिपूजन: दिग्विजय ने उठाये मुहूर्त पर सवाल, बोले-नतीजा शाह अस्पताल में

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

आज सोमवार से अयोध्या (ayodhyya) मे राम मंदिर भूमि पूजन (Ram mandir bhumi pujan) के लिए अनुष्ठान शुरू हो गया है। भूमि पूजन के लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं और अब सभी को 5 अगस्त का बेसब्री से इंतजार है। बुधवार यानी 5 अगस्त को मुख्य पूजन होगा, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे जहां संपूर्ण पूजा 21 ब्राह्मण कराएंगे। लेकिन इन सबके बीच देशभर में सियासत का दौर जारी है। एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह (Former MP Chief Minister and Congress Rajya Sabha MP Digvijay Singh) ने मुहुर्त को लेकर फिर सवाल खड़े किए है।जिस पर बवाल मच गया है, बीजेपी नेताओं ने दिग्विजय की घेराबंदी करना शुरु कर दिया है।

दिग्विजय ने ट्वीट कर लिखा है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम अखिल कोटि ब्रह्मांड नायक हैं,लेकिन “भाजपा”अपने राजनैतिक स्वार्थ और सत्ता के अहंकार में, सनातन धर्म की मान्यताओं और शास्त्रीय मर्यादाओं को ताक पे रख कर “रामलला” पर अवैध “क़ब्ज़ा” करना चाहती है,जिसे ये देश कभी माफ़ नहीं करेगा।

आगे ट्वीट में दिग्विजय ने लिखा है कि सनातन हिंदू धर्म की मान्यताओं को नज़र अंदाज करने का नतीजा। १- राम मंदिर के समस्त पुजारी कोरोना पोजिटिव ।२- उत्तर प्रदेश की मंत्री कमला रानी वरुण का कोरोना से स्वर्गवास। ३- उत्तर प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष कोरोना पोजिटिव अस्पताल में।४- भारत के गृह मंत्री अमित शाह कोरोना पोजिटिव अस्पताल में। ५- मध्यप्रदेश के भाजपा के मुख्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष कोरोना पोजिटिव अस्पताल में ।६- कर्नाटक के भाजपा के मुख्यमंत्री कोरोना पोजिटिव अस्पताल में।त्रुटि के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ। अमित शाह गृहमंत्री हैं ना कि प्रधानमंत्री। क्षमा करें।

नरोत्तम ने दिग्विजय को घेरा

दिग्विजय के ट्वीट पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है।मिश्रा का कहना है कि कमलनाथ जी सुंदरकांड करवा रहे हैं, दिग्विजय सिंह जी लंका कांड में बिजी हैं। इतिहास गवाह है, जब जब कोई धार्मिक काम या हवन होते थे, तो आसुरी शक्ति विघ्न बाधा डालती हैं, कमोबेश उसी तरह की राजनीति है ,जिस तरह से यह कर रहे हैं भगवान उन्हें कभी माफ करेगा नहीं।

दिग्विजय का विरोध, कमलनाथ का समर्थन

एक तरफ दिग्विजय सिंह भूमि पूजन कार्यक्रम के शुभ मुहूर्त को लेकर सवाल उठा रहे हों वही दूसरी तरफ कमलनाथ ने  भगवान राम को आस्था का केंद्र बताया है ।नाथ का कहना है कि  जल्द से जल्द एक भव्य मंदिर अयोध्या राम जन्म भूमि पर बनना चाहिए और रामलला को वहां विराज होना चाहिए। राममंदिर के लिए राजीव गांधी ने जितना किया है उतना किसी ने नहीं किया. मस्जिद का ताला खुलवाने से लेकर शिलान्यास की अनुमित राजीव गांधी ने दी थी, लेकिन हम इस राजनीति नहीं करते हैं।इतना ही नही कमलनाथ ने राम मंदिर के भूमि पूजन का स्वागत ही नहीं बल्कि अपने घर में रामदरबार सजाने की तैयारी कर ली है। भूमि पूजन से एक दिन पहले 4 अगस्त को कमलनाथ के सरकारी निवास पर हनुमान चालीसा का पाठ पढ़ा जाएगा। कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी इस बात की सलाह दी है कि वह मंगलवार की शाम को घर में रहते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रदेश के विकास और कोरोना से मुक्ति की कामना करें।

बता दे कि हाल ही में उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण की कोरोना की वजह से मौत हो गई, वहीं गृह मंत्री अमित शाह समेत कई भाजपा नेता भी कोरोना संक्रमित हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।वही कर्नाटक सीएम येदुरप्पा भी चपेट में है।