सिंधिया के निर्देश- ग्वालियर की सांस्कृतिक धराेहर काे ध्यान में रखकर करें प्लानिंग   

बैठक में ग्वालियर के विजन डाक्यूमेंट पर भी चर्चा हुई है। यदि सही दिशा में कार्य की प्रगति होगी तो ग्वालियर को भी वही भव्यता मिलेगी जो प्रदेश और देश के दूसरे प्राचीन शहरों को मिलती है।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना।  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य ज्याेतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने शनिवार काे सुबह स्मार्ट सिटी (Smart City) की बैठक में अधिकारियाें काे निर्देश दिए कि ग्वालियर की सांस्कृतिक धराेहर काे ध्यान में रखकर ही विकास का प्लान बनाया जाये और उसपर अमल किया जाये। सिंधिया ने कहा कि केवल जीर्णाेद्धार या नई याेजना लाना ही काफी नहीं है, उसका मेंटेनेंट भी हाेना चाहिए। जिससे जब अगली पीढ़ी आए ताे उसे भी ये सबकुछ उसी स्थिति में मिले, जैसा हमने आज नया बनाकर रखा है।

ग्वालियर स्मार्ट सिटी कंपनी (Gwalior Smart City Company) के मोतीमहल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर (Control command center)में अधिकारियों से मीटिंग करने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए सांसद सिंधिया ने कहा कि स्मार्ट सिटी (Smart City) के मुख्य सात अंग है। जिसमें महाराज बाड़ा का साैदर्यीकरण, नई तकनीक से नई सड़काें का निर्माण, ऊर्चा की बचत, गैस का सब स्टेशन सहित अन्य याेजनाएं शामिल हैं। जिसमें हमने अधिकारियाें से कार्य की वर्तमान स्थिति, कार्य पूरा हाेने की समयसीमा, टेंडर की स्थिति सहित तमाम मुद्दाें पर जानकारी ली है। सिंधिया ने कहा कि उन्होंने अधिकारियाें काे निर्देश दिए गए हैं कि ग्वालियर की सांस्कृतिक धराेहर काे ध्यान में रखते हुए ही विकास और प्रगति की योजनाएं पूरी हो, साथ ही समयसीमा में  सभी पूरे हाेना चाहिए। जिससे ग्वालियर का भव्य रूप केवल राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर हाे सके।

22 जनवरी तक विस्तृत प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश   

सांसद ज्याेतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कहा कि दाे घंटे चली बैठक में हमने एक-एक याेजना की समीक्षा की है उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं सात दिनों में केवल जीर्णाेद्धार या नई याेजना लाना ही काफी नहीं है, उसका मेंटेनेंट भी हाेना चाहिए। जिससे जब अगली पीढ़ी आए ताे उसे भी ये सबकुछ उसी स्थिति में मिले, जैसा हमने आज नया बनाकर रखा है। सिंधिया (Scindia)ने अधिकारियाें काे मेंटेनेंस प्लान, इस पर हाेने वाला खर्च और इसकी भरपाई कैसे हाेगी इसका पूरा प्लान तैयार करके 22 जनवरी तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें रेवेन्यू जनरेशन का माडल और समयसीमा भी अधिकारियाें काे बताना हाेगी।

ग्वालियर के विजन डाक्यूमेंट पर भी हुई चर्चा 

सांसद ज्याेतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कहा कि बैठक में ग्वालियर के विजन डाक्यूमेंट पर भी चर्चा हुई है। यदि सही दिशा में कार्य की प्रगति होगी तो ग्वालियर को भी वही भव्यता मिलेगी जो प्रदेश और देश के दूसरे प्राचीन शहरों को मिलती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि  ग्वालियर का भविष्य का प्लान बनाइये।  स्मार्ट सिटी इसका केवल एक भाग है, विजन डाक्यूमेंट में कुल 17 भाग हैं। एक माह में यह तैयार हाे जाएगा। इस विजन डाक्यूमेंट के कुछ भाग का प्रेजेन्टेशन जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मेरे सामने प्रस्तुत किया जायेगा।