सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की आग में झुलसे कोरोना मरीज की मौत, चक्काजाम

गुस्साए परिजन प्रदीप के शव को लेकर सांसद विवेक शेजवलकर के घर के बाहर इकट्ठा हो गए और नई सड़क पर चक्का जाम कर दिया। परिजनों की मांग थी दोषियों पर कार्रवाई की जाए, उन्हें मुआवजा दिया जाए, और एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने उन्हें नियमानुसार मदद का भरोसा दिलाया है ।

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। कोरोना मरीजों (Corona patients) की इलाज के लिये स्पेशल सुविधा वाले जयारोग्य अस्पताल समूह (Jayarogya Hospital Group) के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (Super Specialty Hospital) के ICU में शनिवार को लगी आग में झुलसे एक कोरोना मरीज की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाते हुए सांसद विवेक शेजवलकर (MP Vivek Shejwalkar) के घर के बाहर चक्का जाम (Chakka jaam) कर दिया। जाम की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुँच गए हैं।

164 करोड़ रुपये की लागत से बने जयारोग्य अस्पताल समूह के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के फोर्थ फ्लोर पर बने ICU में शनिवार की दोपहर आग लग गई। आग लगते ही वहाँ अफरा तफ़री मच गई। घटना के समय ICU में नौ मरीज भर्ती थे जिन्हें तत्काल थर्ड फ्लोर पर शिफ्ट किया गया लेकिन इनमें से दो मरीज आग की चपेट में आकर झुलस गए जिन्हें तत्काल उपचार मुहैया कराया गया लेकिन कोरोना मरीज प्रदीप गौड़ नामक मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आग में झुलसने के बाद उनके मरीज का ठीक से इलाज नहीं किया गया जिससे उसकी जान चली गई। गुस्साए परिजन प्रदीप के शव को लेकर सांसद विवेक शेजवलकर के घर के बाहर इकट्ठा हो गए और नई सड़क पर चक्का जाम कर दिया। परिजनों की मांग थी दोषियों पर कार्रवाई की जाए, उन्हें मुआवजा दिया जाए, और एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाए। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने उन्हें नियमानुसार मदद का भरोसा दिलाया है ।

ICU की सीलिंग में लगी शॉर्ट सर्किट से आग

गौरतलब है कि शनिवार को दोपहर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के फोर्थ फ्लोर के ICU की सीलिंग में दोपहर दो बजे के करीब शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग लगने से सीलिंग के नीचे लेते मरीज चिल्लाने लगे, उन्हे देखकर दूसरे मरीज भी दहशत में आ गए। वहाँ मौजूद स्ताफ ने तत्काल ICU में भर्ती 9 मरीजों को वहाँ से शिफ्ट किया । इसी दौरान प्रदीप गौड़ और एक अन्य मरीज झुलस गए। प्रदीप की हालत गंभीर हो गई तो प्लास्टिक सर्जन की मदद से इलाज शुरू किया गया लेकिन उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की इसलिए उनके मरीज की मौत हो गई। हालांकि परिजनों के आरोप के बाद डॉक्टर्स के एक पैनल ने मृतक का पीएम किया है जिसकी रिपोर्ट से मौत का कारण साफ हो जायेगा ।

कलेक्टर ने दिये जांच के आदेश

जयारोग्य अस्पताल समूह में बने 164 करोड़ रुपये की लागत वाले आधुनिक मेडिकल उपकरणों और इलाज वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण को अभी पांच साल भी नही हुए है ऐसे में ICU की सीलिंग के वायर में शॉर्ट सर्किट होना कई सवालों को जन्म देता है। घटना के बाद कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिये हैं। उन्होंने कहा कि यदि लापरवाही सामने आती है तो दोषी बक्शा नहीं जायेगा।

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