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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र को corona के शिकार लोगों के परिवार को मुआवजा (compensation) देना चाहिए। कुछ दिनों पहले केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि corona के कारण मरने वाले सभी लोगों को 4 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया जा सकता है क्योंकि इससे आपदा राहत कोष (disaster relief fund) समाप्त हो जाएगा। वहीँ कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद दिग्विजय सिंह (digvijay singh) ने इस फैसले का स्वागत किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की दलील को स्वीकार करते हुए बुधवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को राहत के लिए न्यूनतम मानक बनाने का निर्देश दिया ताकि मुआवजे की कुछ राशि का भुगतान किया जा सके। वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NDMA न्यूनतम मानकों को निर्धारित करने के अपने वैधानिक कर्तव्य को निभाने में विफल रहा है। इस बीच सरकार को मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए भी कहा गया था जो corona को मौतों के कारण के रूप में निर्देशित करता है और corona के चिकित्सा उपचार के लिए बीमा पॉलिसी बनाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा सरकार को अपनी प्राथमिकताएं और राहतें तय करनी हैं। उसे स्वास्थ्य सेवा, भोजन और आश्रय देना है। उसे अर्थव्यवस्था की देखभाल करनी है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि केंद्र को Corona के शिकार लोगों के परिवार को मुआवजा देना चाहिए लेकिन मुआवजे की राशि सरकार द्वारा तय की जाएगी।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा हमने आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों पर विचार किया। एनडीएमए का कर्तव्य राहत और अनुग्रह मुआवजे के न्यूनतम मानकों को निर्धारित करना। यह कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय प्राधिकरण अपना कर्तव्य करने में विफल रहा है। सवाल यह है कि क्या अदालत सरकार को 4 लाख की विशेष अनुग्रह राशि का भुगतान करने का निर्देश दे सकती है, हमने न्यायिक समीक्षा के दायरे इसपर चर्चा की। सरकार को अपनी प्राथमिकताएं और राहतें तय करनी हैं लेकिन Corona के शिकार लोगों के परिवार को मुआवजा देना चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद व बधाई जिन्होंने देश में कोरोना से आहत हुए परिवारों को मुआवज़ा राशि देने का न्यायपूर्ण फैसला दे कर केंद्र व राज्य सरकारों को निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता व उनके पक्ष में लड़े वकीलों को भी धन्यवाद व बधाई। विशेष कर सुमीर सोढी जी को धन्यवाद।

आदेश के प्रमुख बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई और माना कि लोग Corona के कारण जीवन के नुकसान के लिए अनुग्रह राशि के हकदार हैं।
  • एनडीएमए को उन परिवारों को वित्तीय मदद के लिए नए न्यूनतम मानक जारी करने होंगे। जिन्होंने Corona के कारण किसी को खो दिया है।
  • सरकार द्वारा तय की जाने वाली राशि।
  • मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए अधिकारियों द्वारा उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
  • बीमा और सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार को वित्त आयोग की सिफारिशों को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाने का निर्देश।
  • SC ने कहा है कि NDMA अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहा है।
  • आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 12 में “shall” को “May” पढ़ने के लिए केंद्र के तर्क को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया है कि अधिनियम के तहत न्यूनतम मानक अनिवार्य हैं