राज्य सरकार ने लगाया एस्मा, शासकीय कर्मचारी नहीं कर सकेंगे हड़ताल

अब एस्मा (ESMA) लागू हो जाने के बाद यदि कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो ये दंडनीय अपराध होगा और उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने पर उसे बिना वारंट गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

कर्मचारियों

लखनऊ, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना महामारी (Corona Epidemic) की दूसरी लहर से संघर्ष कर रहे देश के राज्य तीसरी संभावित लहर के लिए अभी से तैयारियों में जुट गए हैं।  इसे देखते हुए उत्तरप्रदेश (UP) की योगी सरकार (Yogi Government) सख्त हो गई है सरकार ने 6 महीने के लिए राज्य में एस्मा (ESMA) लगा दिया है।  इस अवधि में अब कोई भी सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकेगा।

उत्तरप्रदेश में आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम एस्मा (ESMA) लागू कर दिया गया है।   मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) मुकुल सिंघल ने एक बयान में  सरकार ने एस्मा के अधीन अपनी शक्तियों का प्रोग करते हुए राज्य में शासकीय कर्मचारियों की हड़ताल पर 6 महीने के लिए प्रतिबन्ध लगा दिया है।  इसे हालात की समीक्षा के बाद घाटे आया बढ़ाया भी जा सकता है।

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गौरतलब है कि एस्मा लागू होते ही राज्य सरकार के लोक सेवा, प्राधिकरण, नगर निगम सहित अन्य सभी सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी एस्मा MA) के दायरे में आएंगे।  अब वे इस अवधि में हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। एस्मा (ESMA) के सम्बन्ध में विस्तृत आदेश 25 मई को जारी कर दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि ऊर्जा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे थे जिसे देखते हुए एस्मा (ESMA) लगाया गया है। अब एस्मा (ESMA) लागू हो जाने के बाद यदि कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो ये दंडनीय अपराध होगा और उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने पर उसे बिना वारंट गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

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