हड़ताल वापस: बस हुई बेबस, यात्रियों के पड़े टोटे, 1 मार्च से बढ़ेगा किराया

गुरुवार को परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने 1 मार्च से किराया बढ़ाने की मांग मान ली थी जिसके बाद बस संगठनों ने हड़ताल वापस ले ली थी

इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश (madhya pradesh) के अधिकतर बस ऑपरेटर्स (bus operators) ने अलग अलग संगठनों के माध्यम से एक दिवसीय हड़ताल (strike) की घोषणा 3 दिन पहले की थी। डीजल के बढ़ते, अनावश्यक चेकिंग (checking) और यात्री किराये में बढ़ोतरी को लेकर 26 फरवरी याने आज बस संचालन बन्द करने के निर्णय लिया था।

3 दिन पहले से ही तमाम मीडिया (media) माध्यमो से आम यात्री तक इस बात की सूचना पहुंच गई थी लेकिन गुरुवार को परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (govind ingh rajput) ने 1 मार्च से किराया बढ़ाने की मांग मान ली थी जिसके बाद बस संगठनों ने हड़ताल वापस ले ली थी लेकिन इस बात की जानकारी आम लोगो तक नही पहुंच पाई। जिसके चलते आज सुबह से बस स्टैंड पर केवल बसे ही खड़ी दिखाई लेकिन उनमें सफर करने वाले यात्री नदारद थे।

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जानकारी के अभाव में निर्मित हुई इस स्थिति के बाद आज सुबह जब हड़ताल समाप्त होने के बसे निकाली गई तो सवारियां नही थी जिसके चलते बस संचालको को एक दिन के डीजल का भुगतान व्यर्थ में ही करना पड़ा जिससे उनको नुकसान हो रहा है। बस संचालक विकास डागर ने बताया कि इंदौर से रतलाम रुट पर जाने वाली बसों के लिए आज यात्री नही थे।

बता दे कि सुबह जाने वाले यात्रियों ने या तो बस हड़ताल की सूचना मिलने पर या तो गंतव्य तक जाना कैंसिल कर दिया था या वैकल्पिक व्यवस्था कर ली थी लिहाजा, 11 बजे तक बसे बेबस नजर आ रही थी वही दूसरी ओर माना जा रहा है दोपहर बाद यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल, इंदौर के सरवटे, गंगवाल और नवलखा बस स्टैंड से बसों का संचालन जारी है।