भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद युवा बंदियों (Young Prisoners) के वैक्सीनेशन (Vaccination) के आदेश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि 18 से 45 वर्ष के बंदियों का 1 जून से वैक्सीनेशन (Vaccination) शुरू कराया जाये। आदेश में ये भी कहा गया है कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के जिन बंदियों को वैक्सीन का पहला डोज लग गया है उन्हें नियमानुसार दूसरा डोज भी लगवाने की कार्यवाही करें।

मध्यप्रदेश सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान और जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ राजेश राजोरा के हस्ताक्षर से जारी आदेश में प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना (Corona)को देखते हुए न्यायालय द्वारा जेल भेजे गए बंदियों को कोरोना टेस्क के बाद ही जेल भेजे जाये।

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उच्च न्यायलय में दाखिल रिट पिटीशन और उसके बाद हुइ उच्च स्तरीय बैठक के बाद जारी इस आदेश में कहा गया है कि जेल के अंदर बंदियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण कैम्प का आयोजन 15 दिन के अंदर किया जाये और जिन बंदियों में कोरोना के लक्षण हैं उन्हें दूसरे बंदियों से अलग रखा जाये।  नए बंदियों का RT-PCR टेस्स कराया जाये और यदि बंदी पोसोटीवे निकलता है तो उसे आइसोलेट किया जाये। यदि जरुरत पड़े तो बंदी को अस्पताल में भर्ती कराया जाये।

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आदेश में सरकार की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि 45 वर्ष से अधिक उम्र के जिन बंदियों को वैक्सीन का पहला डोज लग गया है उसे निर्धारित अंतराल के बाद उसका दूसरा डोज लगवाया जाये इसके अलावा 18 वर्ष से 45 वर्ष की आयु के बंदियों को 1 जून से वैक्सीनेशन शुरू कराया जाये।