थोक महंगाई ने तोड़े सालों के रिकार्ड, डॉलर के सामने रुपया पड़ा फीका, जाने महंगाई और रुपये का कनेक्शन                       

थोक महंगाई का नया आंकड़ा सामने आया है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है की थोक महंगाई दर अपने 24 साल तक के रिकार्ड को तोड़ चुकी है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। महंगाई (inflation ) बढ़ रही है इस बात पर कोई सवाल नहीं उठाए जाते सकते, लेकिन दूसरी तरह रुपए की कीमत भी डॉलर के सामने घटती जा रही है। थोक महंगाई (Wholesale inflation ) का नया आंकड़ा सामने आया है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है की थोक महंगाई दर अपने 24 साल तक के रिकार्ड को तोड़ चुकी है। साल 1998 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब थोक महंगाई डर 15% अधिक दर्ज की गई है।

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जहां एक तरफ रुपये की कीमत घटती जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ खाने-पीने की चीजें, बिजली और ईंधन सभी के दामों में आग लगी हुई है और दिन प्रतिदिन इनके दाम भी बढ़ रहे हैं। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई दर इस बार 15.08% दर्ज की गई, जो 1998 के बाद सबसे अधिक है । तो दूसरी तरफ मंगलवार को रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले सब कम देखी गई। हालांकि की सेंसेक्स काफी अच्छा प्रदर्शन करता दिखा लेकिन रुपए में आज 28 पैसे की गिरावट के रुपये की कीमत 77.73 रुपये तक देखी गई। हालांकि शुक्रवार को रुपये में उछाल देखा गया था।

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जाने क्या है महंगाई और रुपए की कीमत में कनेक्शन

रुपये और महंगाई दोनों ही एक दूसरे से कनेक्टेड होते है। यदि देश में महंगाई होती है तो रुपए की वैल्यू घट जाती है। यदि किसी देश की महंगाई दर कम होती है तो अपनेआप देश के करेंसी की कीमत बढ़ जाती है। रुपए की कीमत घटने से उन कंपनी को भारी नुकसान होता है, जिन्होंने विदेशी करेंसी में लोन लिया हो।