MP School : बच्चों के लिए राज्य सरकार की बड़ी तैयारी, मंत्री ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव, प्राचार्यों को निर्देश

इसके लिए 3 जनवरी से MP School में कैंप लगाने की अनुमति मांगी गई है।

MP School

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश में लगातार कोरोना केसों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। MP Corona cases में बढ़ोतरी को देखते हुए बच्चों के वैक्सीनेशन (vaccination) पर गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके बाद आप MP School में 15 से 18 वर्ष के बच्चों को कोरोना के टीके लगाए जा सकेंगे। इस पर अब मध्य प्रदेश के स्कूलों (MP School) में कैंप (camp) लगाकर बच्चों को टीका लगाया जाएगा।

दरअसल स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के मुताबिक अब घर-घर जाकर बच्चों को ढूंढना मुश्किल होता है। इसलिए स्कूलों (MP School) में कैंप लगाकर बच्चों को टीका करने में आसानी होगी। मंत्री इंदर सिंह परमार की मांग है कि 15 से 18 वर्ष के बच्चों को स्कूलों में क्लासेस लगने के दौरान Corona का टीका लगाया जाए। इसके लिए 3 जनवरी से स्कूल में कैंप लगाने की अनुमति मांगी गई है।

Read More : अनाधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण के नियमों को दिया गया अंतिम रूप, आमजन को मिलेगा लाभ

सोमवार को स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जो जिस स्कूल में पढ़ता होगा, वैसे बच्चे को वही टीका लगाया जाएगा। इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग को तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं। वही स्कूल प्राचार्य से 3 दिन के अंदर बच्चों की रिपोर्ट और कक्षा-बच्चों की संख्या मांगी गई है ताकि कैंप लगाने के साथ बच्चों के टीकाकरण में किसी भी तरह की परेशानी ना हो।

मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जिस प्रकार स्कूल के शिक्षकों के लिए कैंप लगाकर टीकाकरण किया गया था। उसी तरह बच्चों के लिए भी आप कैंप लगाए जाएंगे। इंदर सिंह परमार ने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में कैंप लगाए जाएंगे। इसके लिए शिक्षक कार्य में जुट गए हैं। वहीं कोरोना गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य विभाग को बच्चों की सूची सौंपी जाएगी। जिसके जिसके बाद स्कूलों को टीका उपलब्ध कराया जाएगा।

इतना ही नहीं इंदर सिंह परमार ने स्कूल प्राचार्य सहित शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि जो अभिभावक अभी भी अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। उनसे संपर्क कर उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जाए। बता दें कि 15 से 18 वर्षीय बच्चे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र होते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रदेश में नौंवी से बारहवीं तक में कुल 40 लाख विद्यार्थी हैं। जिन्हें स्कूलों में टीका लगाया जा सकता है।