अब एमपी बोर्ड की परीक्षा पर कोरोना का संकट, आज फैसला लेगी सरकार

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भोपाल डेस्क रिपोर्ट। माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित की जा सकती है। कोरोना के संकट को देखते हुए सरकार यह निर्णय ले सकती है। इस बारे में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों से चर्चा कर आखिरी निर्णय लेंगे।

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माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपी बोर्ड के 17 अप्रैल से प्रायोगिक परीक्षाएं यानी प्रैक्टिकल और 30 अप्रैल से थ्योरी एग्जाम होने हैं। लेकिन जिस तरह से प्रदेश में कोरोना संक्रमण भयावहता से फैल रहा है, उसे देखते हुए इन परीक्षाओं की तिथि आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। दसवीं बोर्ड की लिखित परीक्षाएं 30 अप्रैल और 12वीं की 1 मई से शुरू होनी है। इन परीक्षाओं के लिए अधिकारियों ने तैयारी तो पूरी कर ली है और प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए हैं। लेकिन जिस तरह के हालात बने हैं उन्हें देखते हुए ऑफलाइन परीक्षा कराना संभव नहीं। अधिकारियों ने इस बारे में सरकार को पत्र लिख दिया है और सोमवार को होने वाली बैठक में मुख्यमंत्री इस बात में निर्णय लेंगे कि इन परीक्षाओं को कब तक टाला जाए

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हालांकि प्रायोगिक परीक्षाओं के बारे में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला अधिकारी निर्णय ले सकते हैं यानी कि जिन स्थानों पर कोरोना कम है वहां परीक्षा अभी ली जा सकती है और जहां ज्यादा है वहां आगे के लिए टाली जा सकती है ।लेकिन लिखित परीक्षाएं तो पूरे प्रदेश में एक साथ ही होनी है और इनको कैसे लिया जाए, यह विभाग के लिए एक बड़ा सरदर्द बन गया है। बोर्ड की परीक्षाओं के के लिए लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं को परीक्षा देनी है और इतनी बड़ी संख्या में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन कराते हुए परीक्षाएं करा पाना स्कूली शिक्षा विभाग के लिए संभव नहीं है। इसके साथ ही इन परीक्षाओं को कराने के लिए बड़ा अमला भी लगेगा और कोरोना से उसकी सुरक्षा भी विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में इस बात की पूरी उम्मीद है कि फिलहाल इन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया जाए।