स्वास्थ्य मंत्री की पीसी में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां, मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

भोपाल डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डा.प्रभु राम चौधरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जाने के मामले को मानव अधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। इंदौर में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर आयोग ने संबंधितो से इस मामले में प्रतिवेदन मांगा है।

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14 महीनों के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी इंदौर प्रवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कोरोना से निपटने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कोरोना से निबटने के लिए इंदौर प्रशासन के द्वारा किए जा रहे उपायों के बारे में पत्रकारों को बताया। लेकिन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरोना से संबंधित प्रोटोकॉल का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया। इंदौर शहर के सभी मंत्री, पार्टी के विधायक और नेता और पत्रकारों का एक साथ एक छोटे कमरे में जमावड़ा था। कोई सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया गया और कुल मिलाकर कोरोना प्रोटोकॉल को दरकिनार कर दिया गया। इसके चलते मानव अधिकार आयोग के सदस्य मनोहर ममतानी ने इसे मानव अधिकार हनन का मामला मानते हुए इंदौर के कमिश्नर और आईजी से 7 दिन के अंदर 9 बिंदुओं को लेकर जवाब मांगा है।

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स्वास्थ्य मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस मे इतनी अधिक संख्या में मीडिया पर्सन और अन्य लोगों को कैसे आने दिया गया, आयोग ने आईजी और कमिश्नर से सवाल पूछा है। यह भी पूछा गया है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा जारी किए गए प्रतिबंधात्मक आदेश क्या ऐसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में लागू नहीं होते? इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की अनुमति किसने दी और क्या इसकी कोई संख्या सुनिश्चित की गई? संख्या सुनिश्चित करने के लिए किसी अधिकारी की नियुक्ति की गई थी? यह भी कहा गया है कि ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बिना क्या प्रेस विज्ञप्ति जारी करके ही काम नहीं चलाया जा सकता था? और यदि ऐसी प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई तो इसे प्रोटोकॉल के उल्लंघन के लिए किसी व्यक्ति पर कोई दंडात्मक कार्यवाही की गई है और यदि नहीं की गई है तो क्यों नहीं की गई है? यह पहला मौका है जब किसी मंत्री या नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर मानव अधिकार आयोग ने इस तरह की टिप्पणी की हो और जवाब मांगा हो।