काश मंत्री जी के ऐसा करने से कोरोना खतम हो जाऐ

Usha Thakur
Usha Thakur

इन्दौर डेस्क रिपोर्ट।आकाश धोलपुरे- मंत्री विश्व के साथ साथ पूरा देश और प्रदेश कोरोना की भयावहता से पीङित हैह प्रदेश का इंदौर शहर सबसे ज्यादा संक्रमित है और वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार की मंत्री ने कोरोना को भगाने के लिए इंदौर एयरपोर्ट को ही पूजा स्थल बना डाला।

कोरोना के नियमों का उल्लंघन करने पर प्रशासन की कार्रवाई, बैंक शाखा को किया सील

प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर इस वीडियो में पूजा करती हुई नजर आ रही है। स्थान है, इंदौर का देवी अहिल्या बाई एयरपोर्ट और सामने मूर्ति है देवी अहिल्याबाई की। तालियों की गूंज करती मंत्री जी कोरोना को भगाने का आह्वान कर रही है। यह वही मंत्री जी हैं जो विधानसभा के सत्र में बिना मास्क के पाई गई थी और पत्रकारों की पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि वे रोज योगा करती हैं और सप्तशती का पाठ भी करती हैं। इसीलिए उन्हें कोरोना नही होगा। एक तरफ जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री ‘मास्क नहीं तो बात नहीं’ का अभियान चला रहे हैं और अपने मंत्रियों से भी ट्विटर के माध्यम से निवेदन कर रहे हैं कि वह कोरोना से बचने के लिए न केवल खुदबल्कि परिजनों के साथ सभी को मास्क पहनाए बल्कि लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। ऐसे में मंत्री जी हैं कि बिना मास्क के एयरपोर्ट पर पूजा पाठ के माध्यम से कोरोना के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए हैं।

सागर में भी शराब दुकानें लॉडाउनक में रहेंगी बंद, कलेक्टर ने दिए आदेश

यह हाल तब है जब पूरे इंदौर में कोरोना के चलते लोग त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं ।अस्पतालों में बिस्तर फुल है ।ऑक्सीजन की कमी है। रेमडीसीविर इंजेक्शन को बाटने के नियंत्रण करने के लिए पुलिस का पहरा बिठाना पड़ रहा है और कोरोना के मरीजों की बढती संख्या के चलते सभी सामान्य ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। ऐसे में एक जनप्रतिनिधि विशेषकर मंत्री का कर्तव्य है कि वह जनता के बीच में जाएं और उसे इस बात का भरोसा दिलाये कि सरकारी तंत्र पूरी तरह से उसके साथ खड़ा है और भले ही कोरोना की महामारी व्यापक रूप लिए हो लेकिन सरकार पूरी तरह से हर व्यक्ति के स्वास्थ्य चिंता करते हुए अंतिम दम तक उसके साथ खड़ी है। जनता के प्रतिनिधि का यह कहना ही लोगों के लिए काफी होता है। किसी धर्म के प्रति आस्था और पूजा-पाठ अच्छी बात है।इसकी आलोचना भी नहीं की जानी चाहिए ।लेकिन प्राथमिकता के तौर पर जो काम होना चाहिए शायद मंत्री जी उस पर ध्यान नहीं दे रही है।