निजी अस्पतालों की लूट से जनता को बचाने की जिम्मेदारी तीन आईएएस अधिकारियों को

निजी अस्पताल

भोपाल डेस्क ब्यूरो। सरकार ने निजी अस्पतालों द्वारा लगातार की जा रही लूट का लूट पर नियंत्रण लगाने के लिए तीन आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी शिकायत मिलने पर जांच करके न केवल उचित कार्रवाई करेंगे बल्कि लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में भी काम करेंगे।

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मध्य प्रदेश सरकार ने सीनियर आईएएस प्रमुख सचिव संजय दुबे, प्रतीक हजेला, और सचिव संजय गोयल की तीन सदस्य समिति बनाई है जो निजी अस्पतालों के बारे में आ रही शिकायतों पर नजर रखेगी। ऐसी सभी शिकायतों की जानकारी मिलने पर अधिकारी न केवल शिखायत की जांच करेंगे बल्कि जांच करने के बाद यदि गलती पाई जाती है तो अस्पताल के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के साथ-साथ पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने की दिशा में भी काम करेंगे।

दरअसल लगातार इस बात की शिकायतें आ रही हैं कि सरकार द्वारा निर्धारित दरों के बावजूद निजी अस्पताल कोरोना काल को आपदा में अवसर बनाए हुए हैं और मरीजों के साथ सरेआम लूट की जा रही है। भोपाल जिला प्रशासन ने सोमवार को चार निजी अस्पतालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की थी और दो का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की अनुशंसा भी की थी।

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आईएएस अधिकारियों को निर्धारित नंबर पर शिकायत की जा सकेगी। इसके साथ-साथ प्रदेश सरकार ने एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों की आवाजाही के किराए भी निर्धारित कर दिए हैं। किराये की सूची भी सार्वजनिक की गई है। शहर में एंबुलेंस का किराया पहले 10 किलोमीटर तक 250 रू और उसके बाद 20 रू प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है।

ग्रामीण इलाकों में पहले 20 किलोमीटर तक 500 रू और उसके बाद प्रति किलोमीटर 20 रू निर्धारित किया गया है। जिन एंबुलेंसो में ऑक्सीजन या वेंटीलेटर जैसी सुविधाएं रहेंगी उनकी दर अलग से घोषित की गई है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से इलाज देने वाले अस्पतालों की सूची भी जारी की गई है।