MP: शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, जल्द मिलेगा समयमान वेतनमान का लाभ! राज्य सरकार ने मांगा प्रस्ताव

राज्य सरकार शिक्षकों को क्रमोन्नति की बजाय समयमान वेतनमान का लाभ देने की तैयारी में है।इसके लिए राज्य सरकार ने लोक शिक्षण संचालनालय से प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा है।

mp teacher promotion pay scale

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के 80 हजार शिक्षकों (MP Teacher) के लिए गुड न्यूज है। राज्य सरकार (State Government) शिक्षकों को क्रमोन्नति की बजाय समयमान वेतनमान का लाभ देने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसके लिए राज्य सरकार ने लोक शिक्षण संचालनालय से प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा है, अगर सब कुछ ठीक रहा है तो जुलाई में हजारों शिक्षकों को बड़ी सौगात मिल सकती है।

यह भी पढ़े…मप्र पंचायत चुनाव: प्रथम चरण में 78% वोटिंग, 10 मतदान केन्द्रों पर पुनर्मतदान, एग्जिट पोल पर ताजा अपडेट

दरअसल, लंबे समय से वर्ष 2018 में शिक्षक संवर्ग में शामिल हुए करीब 80 हजार शिक्षकों द्वारा क्रमोन्नति की मांग उठाई जा रही है। वर्ष 2006 में नियुक्त हुए इन शिक्षकों की वर्ष 2018 में 12 साल की सेवा पूरी हो चुकी थी, ऐसे में इन्हें क्रमोन्नति का लाभ दिया जाना था, चुंकी शिक्षकों को 12, 24 और 30 साल में क्रमोन्नति दी जाती है। इसके लिए शिक्षकों द्वारा कई बार ज्ञापन, प्रदर्शन और रैली भी निकाली गई, जिसके बाद राज्य सरकार ने नोटशीट की तैयारियां भी शुरू कर दी, लेकिन पूरी होने की बजाय वह लोक शिक्षण संचालनालय से सामान्य प्रशासन, वित्त और विधि विभाग के बीच ही घूमती रही, लेकिन अब राज्य सरकार ने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है।

यह भी पढ़े.. Cabinet Meeting: मंगलवार को शिवराज कैबिनेट बैठक, इन 2 बड़े प्रस्तावों को मिलेगी मंजूरी!

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि जब वर्ष 2006 से सभी कर्मचारियों को समयमान वेतनमान दिया जा रहा है, तो इन शिक्षकों को क्रमोन्नति देने का प्रस्ताव क्यों बनाया गया। इसके बाद अब इस प्रस्ताव को वापस ले लिया गया है और अब लोक शिक्षण संचालनालय को संशोधन कर नया प्रस्ताव भेजने के कहा गया है।इधर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भरत पटेल का कहना है कि इस संबंध में पहले विभाग के मंत्री प्रमुख सचिव संचालक तक से बात की जा चुकी है और इस पर जल्द विचार करना चाहिए, देरी के चलते शिक्षकों में नाराजगी बढती जा रही है।