सरकारी कर्मचारियों को लगेगा झटका! शासन ने विभागों को दिए ये निर्देश

जिसके बाद सरकार द्वारा सभी विभाग और मंत्रालय को गैर जरूरी खर्चे में कटौती करने के निर्देश दे दिए गए हैं। 

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। देश में कोरोना (corona) की पहली और दूसरी लहर से सरकारी खजाने की स्थिति चरमरा गई है। लगातार कोरोना बंदी की वजह से सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अब ऐसी स्थिति में रेवेन्यू (revenue)  के लगातार गिरावट और खर्च की अधिकता के कारण वित्त मंत्रालय (finance ministry) ने सभी सरकारी विभाग (government department) और मंत्रालय से खर्च पर नियंत्रण करने की बात कही है। वित्त मंत्रालय द्वारा कहा गया है कि जरूरी खर्चो को पूरा किया जाए और गैर जरूरी खर्चों में कटौती की जाए।अब ऐसी स्थिति में वित्त मंत्रालय की खर्च कटौती का सीधा सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

माना जा रहा है केंद्रीय कर्मचारियों की ओवरटाइम अलाउंस (overtime allowance) में कटौती की जाएगी। इसके अलावा तृतीय कर्मचारियों के रिकॉर्ड भत्ते में भी की किया जा सकती है। वही सरकारी ऑफिस के लिए दिए जाने वाले रेंट (rent) में भी कटौती की जा सकती है। इलेक्ट्रिसिटी बिल, रॉयल्टी, पब्लिकेशन सहित सीनियर अधिकारियों के डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ट्रैवल एलाउंस (TA) में भी कटौती संभव है। वहीं सूत्रों की माने तो नॉन स्कीम खर्च (Non Scheme expenses) में भी 20 फीसद तक कटौती करने के निर्देश वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए हैं।

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बता दें कि केंद्र सरकार पर इन दिनों रिवेन्यू (revenue) और डिफिसिट (deficit) दोनों का दबाव है। इसको 2021-22 वर्ष के लिए 6.8 ही रखना अनिवार्य है। इसके लिए सरकार द्वारा लगातार जरूरी खर्च को रोकने की कोशिश की जा रही है। जबकि रिवेन्यू, डिफिसिट का 7.42 फीसद रहना अनिवार्य है। जिसके बाद केंद्र सरकार द्वारा सभी विभाग और मंत्रालय को गैर जरूरी खर्चे में कटौती करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

इसके अलावा GST काउंसिल मीटिंग (GST council meeting) में जरूरी जीवन रक्षक दवाइयों और अन्य इक्विपमेंट पर GST की दर घटाई गई है। इसके अलावा सभी GST को समान रखा गया है। दरअसल कोरोना संबंधी मेडिसिन इंजेक्शन पर GST की दर को 12% से घटाकर 5 फीसद किया गया है जबकि ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरेसिन बी दवाइयों पर जीएसटी को पूरी तरह से माफ कर दिया गया। इसके अलावा ऑक्सीजन पर भी GST की दर को 12% से घटाकर पांच फीसद किया गया है।

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इसके अलावा कोरोना टेस्टिंग किट, हैंड सेनीटाइजर, पल्स ऑक्सीमीटर और वेंटिलेटर पर भी जीएसटी की दर घटाकर पांच फीसद की गई है। एंबुलेंस पर जीएसटी की दर 12 फीसद रखी गई है। GST की यह दर सितंबर 2021 तक लागू रहेगी। इसके अलावा GST के सभी दर को समान रखा गया है। साथ ही साथ सरकार द्वारा लगातार रिवेन्यू की कोशिश की जा रही।