विकास कार्यों से बदलेगी सूरत, एलिवेटेड कॉरिडोर सहित कई फ्लाई ओवर का होगा निर्माण, 500 करोड़ रूपए से अधिक की लागत, मिलेगा लाभ

इसके अलावा बैरागढ़ में भी डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी की जा रही है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP) को जल्दी के विकास कार्यों (Development work) की सौगात मिलेगी। दरअसल कई जिलों में कार्यशैली शुरू कर दी गई है, वहीं सीएम शिवराज (CM Shivraj) भी लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं। अब राजधानी में होशंगाबाद रोड रायसेन रोड पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलने के लिए समाधान ढूंढ लिया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी  (Nitin gadkari)  से विधायक कृष्णा गौर ने मुलाकात की थी। इस दौरान दो फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी दिया गया है। वही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों को काम शुरू करने के निर्देश भी दे दिए हैं। वहीँ जल्द इसकी प्लानिंग की जाएगी।

इसके अलावा कई फ्लाईओवर निर्माण से विकास कार्य की गति में तेजी देखी जा रही है। भोपाल में एलिवेटेड कॉरिडोर के अलावा नीचे सड़क ऊपर फ्लाईओवर और तीसरी प्लेयर में मेट्रो के दौड़ने की व्यवस्था की जाएगी। वही पहले फ्लाईओवर होशंगाबाद रोड पर बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी से लेकर मिसरोद थाने तक निर्मित किया जाएगा। साढ़े 5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को डबल डेकर एलिवेटेड फ्लाईओवर जैसा तैयार किया जाएगा। जिसकी चौड़ाई 15 मीटर होगी। वही इस पर 385 करोड़ रुपए से अधिक खर्च का अनुमान जताया गया है।

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वही दूसरा फ्लाईओवर रायसेन रोड के आनंद नगर तिराहे के पास तैयार होगा। आकाशवाणी माइक्रोवेव प्रॉपर से राज वेदांता स्कूल तक निर्मित होने वाले इस फ्लाईओवर की लंबाई 350 मीटर जबकि चौड़ाई 15 मीटर होगी। इसके लिए अनुमानित लागत 80.68 करोड रुपए तय की गई है। वहीं दोनों फ्लाईओवर के निर्मित होने से राजधानी के 15 लाख लोगों को फायदा होगा।

इसके अलावा बैरागढ़ में भी डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी की जा रही है। एलिवेटेड कॉरिडोर से ट्रैफिक के दबाव को कम किया जाएगा। डबल डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर पर सबसे नीचे सड़क उसके ऊपर फ्लाईओवर पर मेट्रो ट्रैक निर्मित किया जाएगा। ताकि मेट्रो रेल के साथ सड़क रूट में भी किसी भी तरह की दिक्कत ना आए। वहीं सड़क के आसपास की कॉलोनियों को इससे बड़ा फायदा होगा।