Modi Cabinet की बैठक जारी, मंत्रिमंडल विस्तार पर होगा बड़ा फैसला! इन चेहरों पर चर्चा

कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 79 हो सकती है। वहीं कई मंत्रियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। जिनसे मंत्रालय वापस लिए जा सकते हैं।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आज केंद्रीय कैबिनेट (Union cabinet today) की बैठक होनी है। सुबह 11:00 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार (Union Cabinet Expansion) पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा भी कई महीनों में बैठक की जा रही है। बता दे कि 2019 की एनडीए सरकार (NDA Government) बनने के बाद से ही मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया गया। वहीं चर्चाओं की माने तो आने वाले 15 दिनों के अंदर कैबिनेट विस्तार में मंत्रियों के नाम की घोषणा की जा सकती है।

दरअसल Corona की दूसरी लहर थमने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कई तरह की चर्चाएं आम हो गई है। बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा कई दिनों तक लंबी बैठक की जा रही है। वहीं मौजूदा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा भी की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित बीजेपी अध्यक्ष लगातार मंत्रियों की कार्यशैली पर नजर बनाए हुए हैं।मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नए चेहरे के चयन पर विचार किया जा रहा है। यह मंत्रिमंडल विस्तार आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

2022 में उत्तर प्रदेश सहित 6 राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में उन चेहरों को जगह दी जा सकती है। जो देश में अपनी एक अलग पहचान रखते हो। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, गोवा, हिमाचल और पंजाब से कई चेहरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही जदयू द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार में हिस्सेदारी की मांग की गई है।

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बीते दिनों जदयू की तरफ से कहा गया था कि बीजेपी को अपनी भागीदार पार्टियों को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर उन्हें उनकी भागीदारी का इनाम देना चाहिए। जिसे यह तो तय है कि JDU के किसी चेहरे को मोदी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। हालाकि अभी तक मोदी कैबिनेट में सहयोगी पार्टी की तरफ से रामदास अठावले को ही जगह मिली है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में उलटफेर करने वाली ज्योतिरादित्य सिंधिया, बिहार के सुशील मोदी, उड़ीसा के बेजयंत पांडा, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस सहित कई युवा चेहरे को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले इन नेताओं को कैबिनेट में शामिल करके बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अन्य राज्यों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है।

वही राष्ट्रीय स्तर की छवि वाले नेताओं सहित सहयोगी पार्टियों के धड़ों को कैबिनेट में शामिल करते ही बीजेपी सहयोगी पार्टी में जन्मे असंतोष को पूरी तरह से समाप्त कर सकती है। असंतोष का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब भाजपा में शामिल सहयोगी दल अन्नाद्रमुक तमिलनाडु में सत्ता से बाहर हो गई है। जिसके बाद वह केंद्र में शामिल होने की तैयारी में है। इसके अलावा जदयू ने भी केंद्र में हिस्सेदारी की मांग की है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के भावी चुनाव के समीकरण को देखते हुए बीजेपी इन दोनों पार्टियों सहित अपना दल के नेताओं को भी केंद्रीय कैबिनेट में शामिल कर सकती है।

बता दे कि मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 6 महीने में कैबिनेट का विस्तार कर दिया था जबकि दूसरे कार्यकाल के दौरान सरकार के 2 साल पूरे होने के बाद भी कैबिनेट का विस्तार नहीं किया गया। 30 मई 2019 को 57 मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम पद की शपथ ली थी। जिसमें अब केंद्रीय कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या महज 53 है। दरअसल दो मंत्री रामविलास पासवान और सुरेश अंगड़ी का निधन हो चुका है जबकि 2 कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर बादल और अरविंद सावंत ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 79 हो सकती है। वहीं कई मंत्रियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। जिनसे मंत्रालय वापस लिए जा सकते हैं।