MP News : अपनी मांगों पर अड़े बिजली कर्मचारी, दिवाली से पहले बेमियादी हड़ताल शुरू

पूरे मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों के लगभग 35 हजार अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारी और संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं, दिवाली से ठीक पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से इसका त्योहार पर हो सकता है।

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कल धनतेरस से दिवाली के त्योहार की शुरुआत हो जाएगी, इस बीच बिजली कर्मचारी अधिकारी (Electricity workers Officer) अपनी मांगों को लेकर बेमियादी यानि अनिश्चितकालीन हड़ताल (indefinite strike) पर चले गए हैं। मध्य प्रदेश यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लॉइज एंड इंजीनियर्स (एपीयूएफपीईई) ने फैसला लिया है कि जब तक बिजली कंपनियों के कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं होती वे काम पर नहीं लौटेंगे। उधर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की और भरोसा दिया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है लेकिन बिजली कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े हैं।

पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए कई बार ज्ञापन के माध्यम से निवेदन कर चुके मध्य प्रदेश के बिजली कर्मचारी आज 1 नवम्बर से हड़ताल पर चले गए हैं।  पूरे मध्य प्रदेश में बिजली कंपनियों के लगभग 35 हजार अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारी और संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं, दिवाली से ठीक पहले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से इसका त्योहार पर हो सकता है।

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27 अक्टूबर को एक बार फिर ऊर्जा मंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में कर्मचरियों ने मांग की थी कि महंगाई भत्ते एवं स्थगित वेतन वृद्धि के बकाया राशि 50 प्रतिशत भुगतान अक्टूबर के वेतन साथ दिया जाये। राज्य शासन और केंद्र शासन के निर्णय के अनुरूप बिजलीकर्मियों के लिए 1 अप्रैल से 14 प्रतिशत NPS का प्रावधान तुरंत  लागू किया जाये।  संविदा के अधिकारियों, कर्मचारियों का वेतन वृद्धि एवं DA भी अक्टूबर महीने में लगाया जाये आउटसोर्स कर्मियों के बोनस के भुगतान के साथ साथ उनका अक्टूबर का वेतन भी दिवाली के पहले दिया जाये।  मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन द्वारा कर्मचरियों की सेवा शर्तों के विरुद्ध अवैधानिक कार्यवाही करते हुए उनको विद्युत् देयकों में मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट बंद करने का निर्णय तत्काल वापस  लिया जाये। इस ज्ञापन का  कोई कार्यवाही नहीं नहीं होने के  बाद बिजलीकर्मियों द्वारा हड़ताल पर जाना ही अंतिम विकल्प के रूप में तय किया गया। बता दें एमपीयूएफपीईई सरकारी बिजली कंपनियों के इंजीनियरों और कर्मचारियों के 11 संघों का एक संयुक्त मंच है।

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उधर मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने हड़ताल पर गए बिजलीकर्मियों से हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया है।  ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार बात कर रही है कर्मचारियों की मांगों पर विचार हो रहा है और उन्हें वो सब मिलेगा जिसके वे हकदार हैं ।