Hindi News

सीएम शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान-शैक्षणिक पाठ्यक्रमों से तत्काल हटाएं ये भाग

Written by:Pooja Khodani
Published:
Last Updated:
सीएम शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान-शैक्षणिक पाठ्यक्रमों से तत्काल हटाएं ये भाग

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने बड़ा फैसला लिया है। सीएम शिवराज सिंह ने कहा है कि शैक्षणिक पाठ्यक्रमों (academic courses) में महिलाओं को कमतर बताने वाले अंशों को तत्काल हटाया जाए। पाठ्यक्रमों का ऑडिट कर उन्हें जेंडर न्यूट्रल बनाने का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।

यह भी पढ़े… Electricity Bill: MP के 30 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, 1 रूपये यूनिट में बिजली

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसके साथ ही महिला अधिकारियों-कर्मचारियों के पद नाम के लिए उपयोग की जाने वाली शब्दावली में भी समानता का भाव आवश्यक है। शिक्षिका, प्राचार्या के स्थान पर महिला-पुरुषों के लिए समान शब्दावली जैसे शिक्षक (Teacher), प्राचार्य आदि पदनाम का उपयोग किया जाए।शासकीय और अशासकीय शाला (Government And Private School) तथा आँगनबाड़ी केंद्रों में प्रत्येक तीन माह में पोषण स्तर और खून की जाँच आवश्यक रूप से हो।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आँगनबाड़ियों और मिड डे मील (Mid Day Meal) में मोटे अनाज को सम्मिलित किया जाये। कुपोषण (malnutrition) में आयुष की भूमिका पर भी विचार हो।  शोर्या दलों तथा स्व-सहायता समूहों को ग्राम स्तर पर संयुक्त रूप से कुपोषण के साथ महिला हिंसा और दहेज प्रथा को रोकने पर नजर रखने के लिए सक्रिय किया जाये।

यह भी पढ़े.. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश- 2023 तक पूरा हो यह काम

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बालिका शिक्षा को कौशल संवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता है। इससे बालिकाओं के लिए रोजगार (Employment) के अवसर बढ़ेंगे और महिला सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत लाभांवित बालिकाओं को भी व्यावसायिक दक्षता वाले पाठ्यक्रमों से जोड़ा जाये। स्वास्थ्य केंद्रो तथा वन स्टाप सेंटरों पर हिंसा से प्रभावित महिलाओं की स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ कर्मियों का प्रशिक्षण आयोजित किया जाये।

स्कूल ऑफ गुड गवर्नेंस को सौंपे यह दायित्व

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सेफ सिटी कार्यक्रम का विस्तार किया जाये। मोबाइल से विकृति पैदा करने वाली सामग्री को नियंत्रित करना आवश्यक है। इस दिशा में आवश्यक उपाय किये जायें। महिलाओं द्वारा किये जाने वाले घरेलू तथा अन्य अवैतनिक कार्यों के मौद्रिक मूल्यांकन के लिए तकनीक विकसित की जाये। स्कूल ऑफ गुड गवर्नेंस को यह दायित्व सौंपा जाये। कामकाजी महिलाओं को सुविधा देने के लिए सभी जिलों में कामकाजी महिला वसति गृह स्थापित किये जाये।

स्व-सहायता समूह को सौंपे ये अधिकार

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं को उचित मूल्य की दुकान और सहकारी समितियों के संचालन के अधिकार सौंपे जायें। महिलाओं को ट्रेवल गाइड, वाहन चालक, टूर आपरेटर और हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाये।बैठक में बालिकाओं के प्रोत्साहन, स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा, शिक्षा स्तर में संवर्धन, महिलाओं के सम्मान के लिए वातावरण निर्माण, जेंडर बजटिंग, संपत्ति अधिकार को बढ़ावा देने, आर्थिक सशक्तिकरण, बाल शोषण, बाल श्रम, गुमशुदा बच्चों की स्थिति, बच्चों में नशे की प्रवृत्ति, अनाथ और बाल देख-रेख तथा संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की स्थिति के संबंध में अनुशंसाएँ प्रस्तुत की गई।

यह भी पढ़े.. सीएम शिवराज सिंह के कई बड़े ऐलान- अभी नहीं खुलेंगे स्कूल, नहीं बढ़ेगी ट्यूशन फीस

सीएम शिवराज सिंह चौहान आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और बाल-कल्याण पर गठित अंतर विभागीय समूह की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में गृह, जेल एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, पर्यटन, संस्कृति तथा अध्यात्म मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, मुख्य सचिव  इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास  अशोक शाह उपस्थित थे। खेल, युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री  यशोधरा राजे सिंधिया और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभु राम चौधरी वर्चुअली बैठक में शामिल हुए।

 

 

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !