MPPSC: उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सूचना, नए फार्मूले को लेकर आयोग की बढ़ी परेशानी, 260 पदों पर होनी है भर्ती, परिणाम में हो सकती है देरी

24 से 29 अप्रैल तक मुख्य परीक्षा आयोजित करवाने के बाद मामला ओबीसी आरक्षण के तहत उलझ गया। अभी तक ओबीसी आरक्षण पर मामला विवाद में है और हाईकोर्ट में लंबित है। जिसके बाद एमपीपीएससी द्वारा बीते महीने नए फार्मूला लागू किए गए थे।

MPPSC Exam 2022

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। एमपीपीएससी की उम्मीदवारों (MPPSC Candidates) के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। दरअसल राज्य सेवा परीक्षा 2020 के लिए उम्मीदवारों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल MPPSC द्वारा दीपावली से पहले परिणाम घोषित करने की बात कही जा रही थी लेकिन अब इसमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है। MPPSC नए फार्मूले को लेकर खुद उलझन में है। ऐसे में अभी तक तय नहीं हो सका है कि 2020 के प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी बदलेगा या सिर्फ मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी किए जाने हैं।

दरअसल परीक्षा को लेकर नए फार्मूले अपनाए जा रहे हैं। जिसके तहत 87-13% के नए फार्मूले पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। दरअसल राज्यसेवा 2020 में कुल 260 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जा चुका है। 15 जनवरी 2022 तक इसके लिए रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया था।

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हालांकि 24 से 29 अप्रैल तक मुख्य परीक्षा आयोजित करवाने के बाद मामला ओबीसी आरक्षण के तहत उलझ गया। अभी तक ओबीसी आरक्षण पर मामला विवाद में है और हाईकोर्ट में लंबित है। जिसके बाद एमपीपीएससी द्वारा बीते महीने नए फार्मूला लागू किए गए थे। जिसके तहत परिणाम जारी किया गया था।

ओबीसी आरक्षण पर निर्णय लंबित होने की वजह से एमपीपीएससी द्वारा परीक्षा परिणाम 87-13% का फार्मूला लागू कर चयन सूची जारी की गई थी। 13-13 प्रतिशत की ओबीसी और अनारक्षित वर्ग की प्राविधिक चयन सूची अलग से जारी की गई थी जबकि 87% की मुख्य सूची भी जारी की गई है।

मामले में एमपी पीएससी के ओएसडी रविंद्र पंचभाई का कहना है कि राज्यसेवा 2020 के लिए परीक्षा परिणाम अंतिम दौर में पहुंच गया है लेकिन परीक्षा परिणाम में जल्दबाजी नहीं की जा सकती। नए फार्मूला से मुख्य परीक्षा के परिणाम आएंगे या प्रारंभिक परीक्षा के भी परिणाम तैयार किए जाएंगे। इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। एमपीपीएससी कोशिश में जुटा हुआ है। नए परिणाम जारी होंगे, तभी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

वही आयोग के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि यदि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को भी बदला जाता है तो मुख्य परीक्षा भी खतरे में पड़ेगी। दूसरी स्थिति में एमपी पीएससी मुख्य परीक्षा के नतीजे को ही नए फार्मूले से लागू करता है तो एक चयन प्रक्रिया के लिए अलग-अलग फार्मूले से रिजल्ट चेक करने पर उम्मीदवारों को बड़ा झटका लग सकता है। जिससे मामला कानूनी उलटफेर में पड़ सकता है। ऐसे में लगातार नतीजों में तेजी देखी जा रही है।