देश, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020-21 में यूपीआई-UPI (unified payment interface) के जरिये डिजिटल लेन-देन में जोरदार उछाल आया है। वित्तीय सेवा सचिव देवाशीष पांडा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई देशों ने भारत के अनुभव से सीखने की इच्छा जतायी है ताकि वे इस मॉडल को अपना सकें।

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उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी ने लोगों को वित्तीय लेन-देन के लिए डिजिटल साधनों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है और ‘‘महामारी के दौरान इसमें अप्रत्याशित वृद्धि हुई।’’ पांडा ने कहा कि 2020-21 के दौरान जब पूरी दुनिया कोरोनो वायरस महामारी की चपेट में थी, तब 41 लाख करोड़ रुपये के 22 करोड़ से अधिक यूपीआई वित्तीय लेन-देन दर्ज किए गए।

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देवाशीष पांडा ने कहा कि अपने देश में डिजिटल लेनदेन बढ़ते देखना सुखद अनुभव है। UPI डिजिटल प्लेटफॉर्म  वास्तव में बदल गया है। बहुत सारे देश हमसे सीखना चाहते हैं ताकि वे इसे अपने देशों में अपना सकें। इस सफलता से हमें खुशी है।