UGC की नई तैयारी, विश्वविद्यालयों को लिखा पत्र, विद्यांजलि कार्यक्रम से छात्रों को मिलेगा लाभ

इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने सहित निजी क्षेत्र की भागीदारी से सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में ढांचे को मजबूत करना है।

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। यूजीसी ने (UGC) छात्रों को महत्वपूर्ण अपडेट देने साथ ही विश्वविद्यालय(Universities)  के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अपने संबंध उच्च शिक्षण संस्थानों को इस वर्ष आयुर्वेद दिवस (ayurveda diwas) समारोह के हिस्से के रूप में आयुर्वेद के वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। हर साल 23 अक्टूबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। 2016 से इसे बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दिन का उद्देश्य विभिन्न बीमारियों के इलाज में आयुर्वेद और इसके प्रभावी पद्धति को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

इस साल भी हर दिन हर घर आयुर्वेद की थीम पर इसे बनाया जाना है यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालय को दिशा निर्देश जारी करते हुए इस अवसर पर विभिन्न आयोजन और गतिविधियों के माध्यम से लोगों को जन आरोग्य और जनदर्शन जन भागीदारी सही जन आंदोलन बनाकर आयुर्वेद को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं।

आयुष मंत्रालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के बैनर तले 12 सितंबर से 23 अक्टूबर तक कई कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी की गई थी। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को इस आयोजन का नोडल संगठन नामित किया गया है। आयुर्वेद दिवस दिवस समारोह के लिए पहला कार्यक्रम 12 सितंबर से 18 सितंबर तक आयोजित किया गया था। दूसरी तरफ उच्च शैक्षिक संस्थान के संबंध कॉलेज संस्थानों में स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यांजलि कार्यक्रम के बारे में छात्रों को जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

इस संबंध में कर्मचारियों को जानकारी देने के लिए अभियान से जोड़े जाने के निर्देश जारी करते हुए यूजीसी ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखा है। यूजीसी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा विद्यांजलि ऑनलाइन पोर्टल की शुरूआत की गई है। स्कूल संगठन, सेवा प्रबंधन कार्यक्रम है, जो समुदाय और संगठन को देश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्कूलों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

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इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने सहित निजी क्षेत्र की भागीदारी से सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में ढांचे को मजबूत करना है। इसके तहत सेवा खंड में स्वयंसेवक विषयों में मदद कर सकेंगे तकनीकी कला और शिल्प योग और खेल व्यावसायिक कौशल भाषा विशेष जरूरत वाले बच्चों को शिक्षा सहायता मध्यान भोजन आदि का योगदान भी दिया जाएगा।

साथ ही स्वयंसेवक प्रशिक्षित परामर्शको, विशेष शिक्षकों, डॉक्टर के चिकित्सा शिविर, सांस्कृतिक और खेल गतिविधि में हिस्सेदारी अधिक को भी प्रायोजित कर सकेंगे। यूजीसी के सचिव ने विश्वविद्यालय कॉलेज को लिखे पत्र में सभी उच्च शैक्षिक संस्थान और उनसे संबंध कॉलेज संस्थानों में स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विद्यांजलि कार्यक्रम के बारे में छात्रों और कर्मचारियों को जानकारी देने का आग्रह किया है।