बड़ी राहत: MP में सिर्फ 10 हजार एक्टिव केस, रिकवरी रेट बढ़ा, देश में अब 19वां स्थान

इससे MP में तीसरी लहर से उत्पन्न स्थितियों का मुकाबला करने में आसानी होगी। ​चिकित्सा विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर सितम्बर, अक्टूबर माहों में आ सकती है।

MP CORONA

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (MP Coronavirus Update) के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। जून 2021 के महिने में कोरोना संक्रमण की दर कम और रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 735 नए केस सामने आए है, जिसके बाद एक्टिव केसों की संख्या 10 हजार हो गई है। मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) के प्रयासों और जनसहभागिता से प्रदेश में #COVID19 संक्रमण की दर रिकॉर्ड गिरावट आई है। रिकवरी रेट बढ़कर 97.65 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

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दरअसल,अब MP का कोई भी जिला रेड जोन में शामिल नहीं है, जहां विगत 7 दिनों में औसत पॉजिटिविटी दर 5% या उससे ज्यादा हो।मध्य प्रदेश के 38 जिलों सतना, नरसिंहपुर, छतरपुर, गुना, हरदा, बड़वानी, कटनी छिंदवाड़ा, शाजापुर, सिंगरौली, डिण्डोरी, झाबुआ मण्डला भिण्ड, आगर मालवा, बुरहानपुर खण्डवा, देवास, उमरिया, दतिया, टीकमगढ़, अलीराजपुर  शहडोल, मदंसौर, राजगढ़, विदिशा, पन्ना, शिवपुरी, होशंगाबाद, उज्जैन, सीहोर, नीमच, अशोकनगर, बालाघाट, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, सागर की विगत 7 दिनों में औसत पॉजिटिविटी दर 1% या उससे कम हो गई है।

मध्य प्रदेश  के शेष 14 जिलों भोपाल, अनुपपुर, रतलाम, दमोह,बैतूल, धार, सीधी ,खरगोन, रीवा, जबलपुर, सिवनी, रायसेन, निवाड़ी, इन्दौर की विगत 7 दिनों में औसत पॉजिटिविटी दर 5% या उससे कम है।दिनांक 21 अप्रैल को एक्टिव केसेस की संख्या के हिसाब से मध्यप्रदेश, देश में 07 वें नंबर पर था, जो आज की स्थिति में 19 वें नंबर पर है। प्रदेश में 81636 टेस्ट किये गये, जिसमें से 735 पॉजिटिव आये एवं वर्तमान में प्रदेश में एक्टिव मरीजों को संख्या 10103 है।

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इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कहा था कि विश्व के अन्य देशों और अपने देश के अन्य प्रांतों में कोरोना की तीसरी और चौथी लहर से उत्पन्न परिस्थितियों का अध्ययन किया जाए। इससे MP में तीसरी लहर से उत्पन्न स्थितियों का मुकाबला करने में आसानी होगी। ​चिकित्सा विशेषज्ञों का अनुमान है कि कोरोना की तीसरी लहर सितम्बर, अक्टूबर माहों में आ सकती है। अत: इलाज की पूरी तैयारी रखी जाए। प्रदेश को कोरोना संक्रमण की पीक के समय आवश्यक ऑक्सीजन की मात्रा को पूरा करने के लिए पूर्ण आत्म-निर्भर बनाया जाए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि ​चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर (Coronavirus Third Wave) दूसरी लहर की तुलना में कमजोर रहेगी। विश्व के अन्य देशों में भी तीसरी लहर कमजोर थी। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि तीसरी लहर में बच्चे अधिक संख्या में पीड़ित होंगे। इस अनुमान का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इस अनुमान का आधार है बच्चों में वैक्सीनेशन नहीं होना और स्कूल-कॉलेज (School-College) शुरू होने पर आपसी सम्पर्क का बढ़ना।