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भोपाल। प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ सरकार ने बड़ा अभियान शुरू किया है। अब जल्द ही भू-माफिया के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू होगी। इसके लिए सरकार ने खाका तैयार कर लिया है। उज्जैन एवं इंदौर में विवादित इमारतों को गिराकर माफिया के खिलाफ कार्रवाई की शुरूआत भी कर दी है। सरकार का फोकस सरकारी जमीन को कब्जाने वाले और आदिवासियों की जमीन दबंगों से मुक्त कराने पर रहेगा।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजस्व विभाग की पहली समीक्षा बैठक में भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए थे। उन्होंने पिछले कुछ सालों में सरकारी जमीन को गैर कानूनी तरीके से हथियाने और फिर उस पर घर या इमारत खड़ी करने वाले, कॉलोनी काटने वाले बिल्डर या कॉलोनाइजर, अधिसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों की जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। राजस्व विभाग की ओर से सभी कलेक्टरों को फरमान जारी किया था कि सरकारी जमीन के जो प्रकरण कोर्ट में चल रहे हैं, उनमें सरकार का पक्ष मजबूती से रखा जाए। कलेक्टर ऐसे मामले में खुद निगरानी करें।

हर जिले की सूची तैयार 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हर जिले में सरकारी जमीन की बंटरवाट से जुड़ी सूची तैयार हो चुकी है। ऐसे घर या भवनों को भी चिह्नित किया गया है, जो सरकारी जमीन पर बनाए गए हैं और उनका प्रकरण केस में लंबित है। राज्य शासन से निर्देश मिलते ही बुल्डोजर शुरू हो जाएगा। राज्य शासन ने हाल ही में अधिसूचित जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि आदिवासियों की जमीन को गैर आदिवासियों के नाम बेचे जाने वाले केसों को सूचीबद्ध किया जाए। अनुमति देने वाले अधिकारियों की भी सूची तैयार हो रही है। 

सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहती है। कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि सरकारी जमीन से जुड़े प्रकरण जो कोर्ट में विचाराधीन है, उनमें सरकारी पक्ष तथ्यों के साथ समय पर रखा जाए। 

मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग