बीमा

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के किसानों के लिए खुशखबरी है। फूलों की खेती करने वाले कृषकों को जल्द ही आरबीसी 6(4) के प्रावधानों में शामिल किया जायेगा और इसके लिए उद्यानिकी विभाग (Horticulture Department) जल्द प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में भेजेगा।यह फैसला आज किसानों से चर्चा के बाद उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह (Bharat Singh Kushwaha) ने लिया है।उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही उनकी मांग को पूरा किया जाएगा।

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दरअसल, आज भोपाल, सीहोर, विदिशा, होशंगाबाद आदि जिलों से आए किसानों के प्रतिनिधि मंडल ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह से चर्चा की और कहा कि फूलों की खेती में हुई आर्थिक हानि में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाये। फूलों की खेती करने वाले कृषकों के प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उन्हें पिछले 2 वर्षों से फूलों की खेती में लगातार नुकसान हो रहा है।

कृषकों ने बताया कि इससे उनके लिये फूलों खेती की करना घाटे का काम हो गया है। जिससे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फूलों की खेती को अब तक आरबीसी 6(4) के आर्थिक सहायता के प्रावधानों में शामिल नहीं किया गया है और न ही फसल बीमा (CM Crop Insurance Policy) के अन्तर्गत लिया गया है।इस पर मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि फूलों की खेती करने वाले कृषकों को आरबीसी 6(4) के प्रावधानों में शामिल किया जायेगा। इसके लिये मंत्रि-परिषद को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

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राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी किसानों को सशक्त और मजबूत बनाने में राज्य सरकार (MP Government) हरसंभव प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (National Agricultural Development Scheme) में छोटे कृषकों को मदद पहुँचाने के उद्देश्य से उनके खेतों की सुरक्षा के लिये चेन-फेंसिंग स्कीम को शामिल किया गया है। इसके लिये 10 करोड़ रूपये का बजट में प्रावधान भी किया गया है।

राज्य मंत्री  कुशवाह ने किसानों की माँग से सहमत होते हुए कहा कि फूलों की खेती को आरबीसी 6(4) के प्रावधानों में शामिल कर क्षति होने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिये विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर मंत्रि-परिषद (Cabinet Meeting) की स्वीकृति के लिये भेजा जा रहा है। वही आश्वस्त किया कि सरकार किसानों के साथ है और किसानों को हरसंभव मदद दी जायेगी।