MP School : स्कूल शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी, 1 से 8वीं तक के बच्चे को होगा बड़ा लाभ

MP School : कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन प्रयास और अभ्यास कार्य पुस्तिकाओं में संलग्न वर्कशीट के आधार पर तय किए जाएंगे।

mp school

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग (MP School Education Department) की तरफ से स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और गवर्नेंस स्कूल सुधार (Governance School Reform) के लिए प्रतिभा पर्व आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतिभा पर्व का सीधा सीधा फायदा MP School 1 से 8वीं तक के छात्रों को मिलेगा। दरअसल कक्षा एक से 8वीं तक के प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों में प्रतिभा पर्व का आयोजन किया जाएगा। 17 से 24 जनवरी 2022 तक संचालित होने वाले इस प्रतिभा पर्व में 1 दिन में एक विषय का मूल्यांकन (Evaluation) किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित विषयों में छात्रों की पकड़ को मजबूत बनाने के साथ ही विषयों के गुढ़ता की जानकारी भी छात्रों तक पहुंचाई जाएगी।

दरअसल MP School में कक्षा 1 से 8वीं तक के लिए प्रतिभा पर्व का आयोजन 17 जनवरी से 24 जनवरी 2022 तक किया जाएगा। इस दौरान MP School कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन प्रयास और अभ्यास कार्य पुस्तिकाओं में संलग्न वर्कशीट के आधार पर तय किए जाएंगे। प्रतिभा पर्व आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता की स्थिति की सही जानकारी लेना है।

इसके अलावा बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों के प्रति शासन की प्रतिबद्धता दर्शन, साथ ही शिक्षा के प्रति समाज के संवेदनशील बनाने के अलावा शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार हेतु कार्यक्रम और रणनीतियां तय करना है। इसके अलावा दक्षता में कमजोर बच्चों के लिए निदानात्मक कदम उठाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिभा पर्व का आयोजन किया जा रहा है।

Read More : जिला क्राइसिस मीटिंग में बोले मंत्री – कोरोना से निपटने तैयारी पर्याप्त, बुधवार से शुरू होगी सख्ती

प्रतिभा पर्व की प्रक्रिया में प्रदेश के एक साथ विभाग द्वारा निर्धारित तिथि में मूल्यांकन करने के अलावा बच्चों की शैक्षिक उपलब्धियों और स्कूल व्यवस्था का जायजा लेना तय किया गया है। साथ ही मूल्यांकन में मिली खामियों को दूर करना भी प्रतिभा पर्व की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य है। आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्टार्स परियोजना को मंजूरी दी।

स्टार्स परियोजना मध्य प्रदेश के अलावा हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, राजस्थान और केरल में स्वीकृत की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल शिक्षा का गुणवत्ता और गवर्नेंस का सुधार करने के अलावा स्कूल शिक्षा जैसी गतिविधियों और नवाचार को प्रस्तावित करना है। जो समग्र शिक्षा अभियान में प्रावधान नहीं किए जा सके। इसके अलावा इस योजना में सबके लिए शिक्षा समग्र शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को शामिल किया गया है।