नगरीय निकाय चुनाव से पहले केन्द्र ने दी शिवराज सरकार को बड़ी राहत

इसी बीच केंद्र की मोदी सरकार ने खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति देकर शिवराज सरकार को बड़ी राहत दे दी है, हालांकि यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी गई है।

शिवराज

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। आर्थिक संकट से जूझ रही प्रदेश (Madhya Pradesh) की शिवराज सरकार (Shivraj Government) को नगरीय निकाय चुनाव (Urban Body Election) से पहले केन्द्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने बड़ी राहत दी है। केंद्र ने शिवराज सरकार को खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज (Loan) लेने की सशर्त अनुमति दे दी है, जिसके तहत कर्ज की राशि का 50% नागरिक सुविधाओं में खर्च करना होगी। प्रदेश सरकार अब तक दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण ले चुकी है।

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दरअसल, चौथी पारी में आई शिवराज सरकार खजाना खाली होने के चलते आर्थिक संकट (Economic Crisis) से जूझ रही है। योजनाओं और विकास कार्यों के लिए बार बार बाजार से कर्ज लिया जा रहा है। हाल ही में दो हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। इसे मिलाकर अबतक सरकार 2 लाख 11 हजार 89 करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले चुकी है। इसी बीच केंद्र की मोदी सरकार ने खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति देकर शिवराज सरकार को बड़ी राहत दे दी है, हालांकि यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी गई है।

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शर्त के मुताबिक शिवराज सरकार को कर्ज की राशि का 50% नगरीय निकायों (Urban Bodies) से जुड़े सुधारों के साथ वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम (One Nation – One Ration Card Scheme) काे लागू करने में भी उपयोग करनी होगी।केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Union Ministry Of Finance) के व्यय विभाग की मंशा के अनुरूप मध्य प्रदेश ने निकायों के कामकाज में काफी सुधार किया है और आगे भी यह काम चलता रहे, इसको ध्यान में रखते हुए यह छूट दी गई है।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार अब तक दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ऋण ले चुकी है।साल 2018 के अंत में यह कर्ज 1 लाख 80 हजार करोड़ था, शिवराज सरकार द्वारा हाल में लिए गए 2000 करोड़ रुपए के कर्ज के बाद मौजूदा वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 16,500 करोड़ रुपए पहुंच चुका है। इसके पहले 18 नवंबर को एक हजार करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

इसके अलावा इस वर्ष कोरोना संक्रमण (Corona infection) के कारण पैदा हुए हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश को 14 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दी थी। बताया जा रहा है कि नए वित्तीय वर्ष से पहले (मार्च 2021) तक वित्त विभाग (Finance Department तीन बार और ऋण लेगा।इसके बाद मौजूदा वित्त वर्ष (financial year) में शिवराज सरकार 9 माह में 16,500 करोड़ रुपए कर्ज ले चुकी है।